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अर्थव्‍यवस्‍था पर कहते हैं कि मंदी आई है...ग्रोथ रेट जब 0 के नीचे चला जाए तो मंदी होती है: मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरे पर आरएसएस के स्‍थापना दिवस के मौके पर कहा कि ऐसी चर्चा है कि अर्थव्यवस्था पर मंदी आई है लेकिन एक जानकार ने बताया कि ग्रोथ रेट जब 0 के नीचे चला जाए तो मंदी होती है.

अर्थव्‍यवस्‍था पर कहते हैं कि मंदी आई है...ग्रोथ रेट जब 0 के नीचे चला जाए तो मंदी होती है: मोहन भागवत

नई दिल्‍ली: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरे पर संघ के स्‍थापना दिवस के मौके पर कहा कि ऐसी चर्चा है कि अर्थव्यवस्था पर मंदी आई है लेकिन एक जानकार ने बताया कि ग्रोथ रेट जब 0 के नीचे चला जाए तो मंदी होती है. चिंता करें...लेकिन चर्चा क्‍यों...लेकिन चर्चा से वातावरण बनता है. सरकार ने उपाय किए हैं...कर रही है. अमेरिका-चीन की स्‍पर्द्धा में परिणाम तो होते रहते हैं लेकिन प्रयास की आवश्यकता है जोकि सरकार कर रही है.

मोहन भागवत ने कहा कि हमारा सामान्य आदमी बचत करता है. रोजगार बढ़ाने से लोगों में पैसा आता है. हम योजनाएं तो बना रहे हैं लेकिन नीचे तक अमल हो. पहले अर्थव्‍यवस्‍था में बहुत छेद थे लेकिन उन छेदों को बंद किया गया है. कड़ाई की गई तो कुछ लोगों को पसंद नहीं आया.

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स्‍वदेशी के मुद्दे पर मोहन भागवत ने कहा कि जो काम मेरे देश में हो सकता है तो उसको दूसरे देश से क्यों लाना? अपनी शर्तों से सभी देशों से संपर्क बनाना स्वदेशी है. सारी दुनिया का भारत पर विश्वास है. उनको पता है कि भारत के साथ काम करेंगे तो घाटे में नहीं रहेंगे.

शिक्षा के मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता चाहिए. 5वीं का बालक अगर गणित नहीं कर सकता तो इसको सुधारने की जरूरत है. विदेश में भारत की गणित की तारीफ होती है. शिक्षा के कंटेंट को ठीक करने की जरूरत है. जिसके अंदर स्‍वयं की प्रतिष्ठा नहीं हो वो बेहतर कैसे बनेगा.

पाकिस्‍तान पर निशाना साधते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान भी संघ को बदनाम करने के लिए इसकी तुलना हिटलर से करते हैं. उनको जानकारी कुछ हैं नहीं...बस कुटिल इच्छा है.

इसके साथ ही मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू की बात करने से मुस्लिमों के विरोध की बात कहां से आई? संघ कोई छुप-छुपकर बात नहीं करता. किसी को बदलने और मिटाने की जरूरत नहीं है. धर्म का पालन करो...धर्म को पंथ बनाने से गड़बड़ है.