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महाराष्ट्र में भी चक्रवात 'महा' का असर, मुंबई और ठाणे के कई इलाकों में भरा पानी

मुंबई में बारिश की वजह से सड़कों और सोसाइटी में पानी भर गया है.

महाराष्ट्र में भी चक्रवात 'महा' का असर, मुंबई और ठाणे के कई इलाकों में भरा पानी
मुंबई के मलाड इलाके में बारिश के चलते जलजमाव की समस्या पैदा हो गई है.

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई अन्य हिस्सों में चक्रवात 'महा' ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. गुजरात में आए चक्रवाती तूफान के चलते मुंबई और ठाणे में तेज बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया है. वहीं राज्य के दूसरे हिस्सों में आंशिक बादलों के छाने के साथ हवाएं चल रही हैं. हालांकि, गुजरात के लोगों को चक्रवात 'महा' से राहत मिल गई है.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात 'महा' अरब सागर में कमजोर हो गया है और गुरुवार सुबह तक गहरे दबाव और फिर दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील हो गया. मौसम विभाग ने बताया कि दबाव वाला क्षेत्र गुजरात के वेरावल तट से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण में है.

उधर, दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बुलबुल नामक चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है. अगले 24 घंटों में बुलबुल तूफान के तेज होने के आसार हैं.

चेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए क्षेत्र चक्रवात चेतावनी केंद्र के निदेशक पुविआरासन ने कहा, “चक्रवात बंगाल तट की ओर बढ़ रहा है, मछुआरों से गुजारिश है कि वे बंगाल की खाड़ी के मध्य क्षेत्र की ओर न जाएं.'' उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के कुछ जिलों में 8 से 10 नवंबर के बीच संवहनीय गतिविधि के कारण वर्षा होगी, जबकि चेन्नई का मौसम शुष्क रहेगा.”

मौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उत्तरी ओडिशा तट और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान लगाया गया है. इसके अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के लिए 35 से लेकर 90 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी की चेतावनी जारी की गई है.

मछुआरों को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर 8 तारीख से परिचालन स्थगित करने के लिए कहा गया है, जबकि समुद्र में मछली पकड़ने वाले लोगों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है.

वहीं, चक्रवाती तूफान 'महा' के पूर्वोत्तर और उससे सटे मध्य पूर्वी अरब सागर में कमजोर होने की संभावना है. मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे दक्षिण गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र तट से सटे अरब सागर में न जाएं.