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गैंगस्टर अबू सलेम की जेल से तत्काल रिहाई की उम्मीदों को झटका लगा है. बांबे हाईकोर्ट ने कहा है कि अबू सलेम ने उसे मिली अधिकतम सजा के 25 साल अभी पूरे नहीं किए हैं, लिहाजा वो रिहाई का हकदार नहीं है. अदालत ने उसकी रिहाई की संभावित तारीख भी सामने रखी है. लेकिन उसकी याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है.
सलेम ने जेल से रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उसके अच्छे आचरण को ध्यान में रखा जाए तो वो 25 साल का कारावास की समयावधि पूरा कर चुका है. सलेम ने याचिका में याद दिलाया कि उसे मौत की सजा न देने और 25 वर्ष से ज्यादा जेल की शर्तों को प्रत्यर्पण के वक्त भारत सरकार ने माना था.
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सलेम की याचिका को कबूल की है, लेकिन उसे कोई अंतरिम राहत देने से मना कर दिया है. खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अबू सलेम की गिरफ्तारी अक्टूबर 2005 में हुई थी. ऐसे यह प्रतीत होता है कि उसने 25 साल की सजा की अवधि अभी पूरी नहीं की है. हाईकोर्ट ने गैंगस्टर की याचिका पर भविष्य में सुनवाई का आश्वासन दिया है. सलेम की जेल की सजा मार्च 2030 में पूरी होगी.
अबू सलेम को मुंबई बम ब्लास्ट मामले में दोषी पाए जाने के बाद मुंबई की आर्थर रोड जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है. उसे बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास हुआ था.
सलेम को जब प्रत्यर्पण के जरिये भारत लाया गया था तो सरकार ने भरोसा दिया था कि उसे फांसी की सजा नहीं दी जाए और न ही 25 वर्ष से ज्यादा जेल में काटने होंगे.
अबू सलेम ने 2018 में कौसर बहार नाम की महिला से निकाह के लिए 45 दिन की पैरोल मांगी थी. लेकिन मुंबई पुलिस कमिश्नर ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी. अबू सलेम ने 1991 में समीरा जुमानी से शादी की थी. वो अमेरिकी प्रांत जॉर्जिया में रहती है. उसका एक बेटा है. अबू सलेम का नाम बॉलीवुड अभिनेत्री मोनिका बेदी के साथ भी जुड़ा था.