मुंबई ब्रिज हादसा: THANK GOD, रेड ट्रैफिक सिग्नल नहीं होता तो और दर्दनाक होती तस्वीरें...

प्रसिद्ध सीएसएमटी स्टेशन के पास स्थित इस पुल को आम तौर पर ‘कसाब पुल’ के नाम से जाना जाता है. क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे.

मुंबई ब्रिज हादसा: THANK GOD, रेड ट्रैफिक सिग्नल नहीं होता तो और दर्दनाक होती तस्वीरें...
हादसे के बाद बचाव कार्य में जुटा बचाव राहत दल. (फोटो साभार-पीटीआई)

नई दिल्ली: मुंबई में गुरुवार (14 मार्च) शाम दर्दनाक हादसा हुआ. दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) रेलवे स्टेशन के पास एक फुट ओवर ब्रिज का बड़ा हिस्सा गिर गया. इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 33 लोगों के अभी घायल होने की खबर है. घायलों की इलाज सेंट जॉर्ज और जीटी अस्पताल में चल रहा है. जिस समय ये हादसा हुआ, उस समय फुट ओवर ब्रिज के पास एक ट्रैफिक जंक्शन पर उस समय लाल बत्ती थी. ग्रीन सिग्नल का इंतजार करने वाले लोगों के लिए इसलिए रेड लाइट लकी साबित हुआ. 

मुंबई ब्रिज हादसा: THANK GOD, रेड ट्रैफिक सिग्नल नहीं होता और दर्दनाक होती तस्वीरें...

सिग्नल पर इंतजार कर रहे एक टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि रेड लाइट पर काफी गाड़ियां था, जो ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रही थी. उन्होंने बताया कि ग्रीन सिग्नल के होने से पहले ही ब्रिज का हिस्सा लोगों के साथ गिर गया और ये दर्दनाक हादसा हो गया. टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि ये ईशवर का रहम है कि रेड लाइट हो रखी थी. इसलिए हमारी जान बच गई, नहीं तो तस्वीरें और भी दर्दनाक होती. 

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने मैं बहुत भाग्यशाली था, जो बच गया. उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा थी कि मौत मुझे छू कर चली गई. उन्होंने कहा मैं भगवान का बार-बार धन्यवाद करता हूं कि मैं सुरक्षित हूं. एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गुरुवार सुबह पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था, इसके बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया. 

Mumbai Bridge Incident: when the bridge collapsed, it was red signal at the nearby road

आपको बता दें कि प्रसिद्ध सीएसएमटी स्टेशन के पास स्थित इस पुल को आम तौर पर ‘कसाब पुल’ के नाम से जाना जाता है. क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने मृतकों के परिजन के लिए पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि 40 साल पुराने इस पुल के गिरने की जांच एक उच्चस्तरीय समिति करेगी. घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. उनके इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी.