Doctor Terror Module: पिछले 4 दिनों में भारत के अलग-अलग राज्यों से 4 मुस्लिम डॉक्टरों को आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया. ये हाईली एजुकेटेड प्रोफेशनल्स JeM, ISIS जैसे संगठनों से जुड़े थे. जिनके पास 2900 किलो विस्फोटक, राइफलें, रिसिन जैसे जहरीले पदार्थ बरामद बरामद हुए हैं. ये देश में जो नया आतंक का खौफ पनपा है, वह पढ़े-लिखों के जरिए फैल रहा है. पुलिस ने इन सबकी साजिश को फेल कर दिया है. जानें पूरी खबर.
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Delhi blast: देश में आतंक का चेहरा बदल रहा है. ये कोई अनपढ़ या गंवार नहीं, बल्कि अस्पतालों के सफेद कोट वाले डॉक्टर हैं, जो जिंदगियां बचाने की कसम खाकर मौत बांटने की साजिश रच रहे थे. दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया, जिसमें 9 लोग मारे गए और 20 से ज्यादा घायल हुए. इसके ठीक पहले 4 दिनों में 4 ऐसे डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई है जो JeM, ISIS जैसे संगठनों से जुड़े थे. उनके पास विस्फोटक, हथियार और घातक जहर रिसिन मिला है. ये डॉक्टर यूपी, हरियाणा, गुजरात और जम्मू-कश्मीर थे. ऐसे एजुकेटेड डॉक्टर लोग अपनी नौकरी का फायदा उठाकर साजिशें बुन रहे थे. आइए, सरल शब्दों में समझें और जानें क्या है मुस्लिम डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल? कैसे देश में मची सनसनी.
पहली गिरफ्तारी गुजरात में रिसिन का खौफ
सबसे पहले गुजरात ATS ने हैदराबाद के डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सईद को पकड़ा. ये चाइना से MBBS करने वाला डॉक्टर था, लेकिन रेडिकल हो चुका था. उसके पास रिसिन नाम का बेहद घातक जहर मिला, जो कास्टर बीज से बनाया जाता है. सायनाइड से भी ज्यादा खतरनाक ये पदार्थ एक छोटी बूंद से दर्जनों लोगों को मार सकता है. ATS के DIG सुनील जोशी ने बताया, "ये ISIS से जुड़ा था और देशभर में हमले की प्लानिंग कर रहा था." इसके साथ दो साथी, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहेल भी गिरफ्तार हुए. ये लोग हथियारों का आदान-प्रदान करने वाले थे.
दूसरी और तीसरी: कश्मीर से फरीदाबाद तक का नेटवर्क
फिर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो कश्मीरी डॉक्टरों को दबोचा. डॉ. अदील अहमद रदर (अनंतनाग GMC से) और डॉ. मुजम्मिल शकील (अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद) पर JeM और अंसार गजवात-उल-हिंद से पाया गया. रदर के लॉकर से AK-47 राइफल बरामद हुई. यह कार्रवाई तब हुई जब श्रीनगर में जैश समर्थित पोस्टर मिले और सीसीटीवी जांच में रदर उस गतिविधि से जुड़ा पाया गया. बाद में उसे 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया. उसके खिलाफ UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है. शकील के फरीदाबाद वाले घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट (बम बनाने का मटेरियल), असॉल्ट राइफल, पिस्टल, 83 लाइव कार्ट्रिज और टाइमर जब्त किए गए. ये मटेरियल 12 सूटकेस में छिपाया था. फरीदाबाद CP सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा, "ये दिल्ली-NCR में बड़े धमाके की साजिश रच रहे थे."
महिला डॉक्टर भारत में महिलओं की तैयार कर रही थी फाैज
इससे पहले 8 नवंबर को एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद (लखनऊ की, फरीदाबाद में) को भी पकड़ा, जिसकी कार से राइफल मिली है. सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहिद को जैश आतंकी संगठन का भारत मे महिला विंग और रिक्रूटमेंट तैयार करने जिम्मा सौंपा गया था. जमात उल मोमीनात महिला विंग है जैश की जिसकी भारत मे कमान डॉक्टर शाहीन शाहिद को सौंपी गई थी. सादिया अहजर मसूद अहजर की बहन है जो पाकिस्तान में जैश की महिला विंग की हेड है. सादिया अजहर का पति यूसुफ अजहर कंधार हाईजैक में एक मास्टरमाइंड था. रिपोर्टर राजू राज
चौथी गिरफ्तारी: UP में डॉ. अदील का राज खुला
फिर सहारनपुर में डॉ. अदील (कुलगाम का) को गिरफ्तार किया गया. ये GMC अनंतनाग का सीनियर रेजिडेंट था, जो UP शिफ्ट हो गया था. उसके पास JeM के पोस्टर्स और हथियारों का कनेक्शन मिला. पुलिस ने बताया कि ये लोग पाकिस्तान और दूसरे देशों के हैंडलर्स से संपर्क में थे. फंडिंग 'सोशल वर्क' के नाम पर इकट्ठा कर रहे थे. कुल 7-8 लोग पकड़े गए, जिनमें मोलवी इरफान अहमद जैसे रैडिकलाइजर भी शामिल.
क्यों है ये ट्रेंड चिंताजनक?
ये गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि आतंक अब स्लम या बॉर्डर तक सीमित नहीं. पढ़े-लिखे मुस्लिम युवा, खासकर डॉक्टर-इंजीनियर, रेडिकल प्रोपेगैंडा का शिकार हो रहे. सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड ऐप्स से ब्रेनवॉश हो रहा. यानी ये सारे डॉक्टर न केवल आतंकी संगठनों के संपर्क में थे, बल्कि खुद हथियार और ज़हरीले केमिकल तैयार कर रहे थे. यह साफ इशारा है कि आतंकवाद का चेहरा बदल रहा है. अब यह सिर्फ बंदूक चलाने वालों का नहीं रहा, बल्कि लैब में बैठने वालों का भी हो गया है.