रेलवे का देश में पहला सेक्शन, जो पूरी तरह से सोलर एनर्जी से बनी बिजली से चलेगा

इस सेक्शन के सभी 8 रेलवे स्टेशनों पर सोलर पावर पैनल लगाए गए हैं.

रेलवे का देश में पहला सेक्शन, जो पूरी तरह से सोलर एनर्जी से बनी बिजली से चलेगा
सोलर ऊर्जा से जनरेट होने वाली बिजली से रेलवे सेक्शन पर सारा काम होगा.

नई दिल्ली: रेल मंत्रालय ने अपने देश भर के सभी डिवीजन और जोनल रेलवे में सोलर पावर के जरिए 1000 मेगावाट बिजली जनरेट करने की योजना पर काम पूरा कर लिया है. इसके साथ ही मंत्रालय ने दावा किया है कि 200 मेगावाट बिजली विंडपावर से भी जनरेट होगी.

रेल मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, 500 मेगावाट बिजली के उत्पादन के लिए रेल मंत्रालय के सभी जगह दफ्तरों में सोलर पैनल इंस्टॉल किए जा रहे हैं. रेलवे के दफ्तरों पर सोनल सोलर पैनल लगाए जाएंगे. उनसे 500 मेगावाट बिजली उत्पन्न की जाएगी और यह योजना पूरे देशभर में रेलवे लागू कर रहा है. इसके साथ ही 500 मेगावाट सोलर प्लांट रेलवे की खाली जमीन पर लगाए जा रहे हैं. यह भी 2021-22 से बिजली जनरेट करना शुरू कर देंगे.

ऊर्जा बचत के क्षेत्र में रेलवे का साउथ सेंट्रल जोन कई कदम आगे हैं. Guntakal division कान नादयाल ईयररिंग कुंडल सेक्शन पहला सोलर सेक्शन डिक्लेअर किया गया है. यह साउथ सेंट्रल रेलवे में ही आता है.

रेलवे ने इस लाइन को 2016 में तैयार किया था. सेक्शन के सभी स्टेशन को सोलर पेनल से लैस किया गया है. रेलवे के मुताबिक 54 हजार यूनिट बिजली सोलर पैनल से अभी जनरेट होने लगी है. इससे रेलवे को सालाना 5 लाख कीमत की बिजली मिल रही है. इतने बड़े पैमाने पर सोलर सिस्टम इनस्टॉल करने से कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करने में मदद मिली है. देशभर में भारतीय रेलवे ने 16 स्टेशन को ग्रीन रेलवे स्टेशन डिक्लेअर किया है. यह वो रेलवे स्टेशन है जो अपनी बिजली आवश्यकता को सोलर सिस्टम के जरिए खुद ही पूरा करते हैं.