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प्रधानमंत्री मोदी ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का किया वादा

‘सुशासन दिवस’ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि एक ‘पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन’ उपलब्ध कराने के वादे के तहत सरकारी प्रक्रियाओं को ‘नए सिरे से आकार’ देने के प्रयास किए जा रहे हैं ।

नई दिल्ली  : ‘सुशासन दिवस’ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि एक ‘पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन’ उपलब्ध कराने के वादे के तहत सरकारी प्रक्रियाओं को ‘नए सिरे से आकार’ देने के प्रयास किए जा रहे हैं ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले सात महीनों में ‘नागरिक पहले’ के मंत्र को आधार बनाकर काम किया है और वह एक ऐसा पारदर्शी तथा जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है जो आम नागरिकों के कल्याण के लिए काम करे ।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 90वें जन्मदिन पर अयोजित सुशासन दिवस’ पर मोदी ने अपने संदेश में कहा, ‘ एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने का हमने वादा किया था और हम यह करेंगे... मैं आपको आश्वासन देता हूं कि मेरे देशवासियों हम आपको निराश नहीं करेंगे ।’ उन्होंने कहा, ‘ आज हमारे प्रिय नेता , हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है । इस अवसर पर, हम इस देश के लोगों को पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह सरकार उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं । आइए , सुशासन के इस अभियान पर हम साथ मिलकर चलें ।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एक आसान आंतरिक कार्य प्रणाली पर काम कर रही है जिसे ई लर्निंग मोड्यूल के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सरकारी प्रक्रिया को नए सिरे से आकार देना एक और उपाय है जिसे हम आगे बढ़ा रहे हैं । भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कामकाज के क्षेत्रों को देखें , अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं की पड़ताल करें और इस दिशा में काम करें कि उन्हें किस प्रकार सरल और तार्किक बनाया जा सकता है ।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सुशासन एक राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है । हमारी सरकार एक पारदर्शी और जवाबदेह सरकार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है जो आम नागरिक की बेहतरी और कल्याण के लिए काम करे ।’ ‘नागरिक पहले’ को सरकार का ‘मंत्र’ बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह मंत्र हमारा ध्येय और हमारा पथ प्रदर्शन करने वाला सिद्धांत है । उन्होंने कहा, ‘ सरकार को हमारे नागरिकों के करीब लाना मेरा सपना रहा है ताकि वे शासन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें ।’’ उन्होंने कहा कि पिछले सात महीनों से सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रही है ।

माईगवडाटइन जैसे वेब पोर्टल शुरू करने और लोगों तक सीधे पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री से बातचीत जैसी पहलों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इन्हें जो ‘अभूतपूर्व प्रतिक्रिया ’ मिली है उसने ‘हमारे उपर एक बड़ी जिम्मेदार डाल दी है और मैं आपको आश्वासन देता हूं , मेरे देशवासियों कि हम आपको निराश नहीं करेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, ‘सुशासन के युग में प्रवेश अभी शुरू हुआ है और यह शुरूआत बहुत आशावान तरीके से हुई है । हमने एक परदर्शी और जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराने का वादा किया था और हम ऐसा करेंगे ।’

मोदी ने कहा, ‘ हमारी सरकार जन शिकायतों के निपटान को जिम्मेदार प्रशासन का एक महत्वपूर्ण घटक मानती है । मैंने सभी मंत्रालयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि जन शिकायतों के निपटान को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाए।’ उन्होंने कहा, ‘ सुशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम सरकार की प्रक्रियाओं को सरल बनाना है ताकि पूरी प्रणाली को पारदर्शी और तीव्र बनाया जा सके ।’ प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की व्याख्या की जिनमें हलफनामों और सत्यापनों की जगह स्व सत्यापन की दिशा में कदम बढ़ाना तथा पुराने और जटिल कानूनों को समाप्त करना शामिल है।