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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बोले- पराली जलाने की घटनाएं हुई कम

पराली जलाने पर जिम्मेदारी तय करने की फटकार के बाद कृषि मंत्रालय ने पराली जलाने पर रोकने के लिए अब तक किए उपाय गिनवाए हैं. 

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बोले- पराली जलाने की घटनाएं हुई कम
.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पराली जलाने पर जिम्मेदारी तय करने की फटकार के बाद कृषि मंत्रालय ने पराली जलाने पर रोकने के लिए अब तक किए उपाय गिनवाए हैं. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक पराली जलाने की घटना में कमी आई है. तीन राज्यों (पंजाब, हरियाणा एवं उत्तरप्रदेश) में पराली जलाने की घटनाओं में अभी तक 12.01%  की कमी देखी गयी है. पिछले साल 35717 पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं, जो इस साल घटकर 31402 हो गयी हैं.

पंजाब में 27584 घटनाएं हुई थीं, जो इस साल घटकर 25366 (8.7% की कमी) रह गयी  है. हरियाणा में पिछले साल 5000 पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं, जो इस साल घटकर 4414 (11.7% की कमी) रह गयी है. उत्तर प्रदेश में पिछले साल 3133 पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं, जो इस साल घटकर 1622 (48.2% की कमी) रह गई हैं.

कृषि मंत्री के मुताबिक सरकार के मुस्तैद रहने की वजह से इन घटनाओं में कमी आई है. साल 2018-19 के बजट में सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए योजना की घोषणा की. योजना के अनुसार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली एनसीआर की सरकारों के प्रदूषण कम करने के प्रयासों को समर्थन देने के लिए पराली प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली आठ प्रकार की मशीनों पर इन राज्यों के किसानों को 50% मूल्य आधारित सब्सिडी DBT के माध्यम से और किसानों के समूहों को 80% सब्सिडी का प्रावधान किया.

इसके तहत साल 2018-19 एवं 2019-20 के लिए कुल 1151.80 करोड़ रूपये प्रस्तावित किए गये. ये योजना 100% केंद्र सरकार के फंड से शुरू की गई. जबकि कार्यान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को दी गई. स्कीम के तहत 2018-19 में पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश सरकारों और आईसीएआर (IEC) के लिए कुल 584.33 करोड़ रूपये जारी किए जिसके द्वारा 56290 मशीनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान की गयी, जिसमें से 32570 मशीनें व्यक्तिगत स्वामित्व के आधार पर तथा 23720 मशीनें किसानों के समूह (custom hiring center)  के लिए दी गई.

साल 2019-20 के दौरान इस स्कीम के अंतर्गत राज्य सरकारों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली NCT  को  अभी तक 594.14 करोड़ रूपये निर्गत किए जा चुके हैं. जिससे 29488 मशीनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान की गयी है. जिनमें से 10379 मशीने किसानों को तथा 19109 मशीनें किसान समूहों (Custom Hiring Center) को दी  गयी.

हालांकि न तो केंद्र सरकार ने न ही राज्य सरकारों ने आगे की योजना का खुलासा किया कि आने वाले समय किस तरह पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी.