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SC/ST में सबसे ज्यादा होता बाल विवाह: बाल अधिकार आयोग

जारी रिपोर्ट नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएचएफएस) के तीसरे व चौथे चरण के दौरान 15-19 वर्ष समूह में बाल विवाह के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित है.

SC/ST में सबसे ज्यादा होता बाल विवाह: बाल अधिकार आयोग
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की तरफ से जारी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली. (फोटो आईएएनएस)

नई दिल्ली: भारत में बाल विवाह की दर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) में सबसे ज्यादा है. एससी में यह दर 13 प्रतिशत और एसटी में 15 प्रतिशत है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की तरफ से जारी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली.

एनसीपीसीआर की वेबसाइट पर बुधवार (12 सितंबर) को जारी रिपोर्ट नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएचएफएस) के तीसरे व चौथे चरण के दौरान 15-19 वर्ष समूह में बाल विवाह के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित है, जोकि 2005-2006 और 2015-2016 में किए गए थे. रिपोर्ट को रिसर्च केंद्र यंग लाइव्स इंडिया ने एनसीपीसीआर के साथ मिलकर तैयार किया है.

रिपोर्ट के अनुसार, यह तथ्य 10 शीर्ष राज्यों में देखा गया, जहां बाल विवाह सबसे ज्यादा हुआ है. पश्चिम बंगाल में एससी लड़कियों में बाल विवाह की दर सबसे ज्यादा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में यह अनुसूचित जनजाति में सबसे ज्यादा है. 

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अन्य जातियों में महाराष्ट्र में बाल विवाह का प्रतिशत सबसे ज्यादा है. इसके अलावा बिहार, गुजरात और तेलंगाना में 18 वर्ष से कम उम्र की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) लड़कियों में बाल विवाह का प्रचलन सबसे ज्यादा है.

रिपोर्ट के अनुसार, एनएफएचएस-3(2005-2006) और एनएफएचएस-4( 2015-16) की रिपोर्ट में 15-19 वर्ष की लड़कियों के बाल विवाह के तुलनात्मक विश्लेषण से खुलासा होता है कि अधिकांश राज्यों में बाल विवाह में बीते 10 वर्षो में बड़े पैमाने पर कमी दर्ज की गई है. 15-19 वर्ष की लड़कियों में बाल विवाह में 20 प्रतिशत से ज्यादा की कमी बिहार, झारखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में देखी गई. रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक स्थिति और महिलाओं की शैक्षणिक स्थिति बाल विवाह से जुड़ी हुई है. यह देखा गया है कि बाल विवाह अधिकतर गरीब घरों में हुआ है.