जानिए! नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी फेमिली की धांधली की कहानी

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी से 90 करोड़ लोन देकर नेशनल हेराल्ड की 2000 करोड़ की संपत्ति हड़प ली। 

जानिए! नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी फेमिली की धांधली की कहानी

नई दिल्ली : भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी से 90 करोड़ लोन देकर नेशनल हेराल्ड की 2000 करोड़ की संपत्ति हड़प ली। 

दरअसल 1938 में जब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कांग्रेस के लिए एक मुखपत्र की जरूरत महसूस की तो उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से नेशनल हेराल्ड नाम से एक अखबार की शुरुआत की। अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के पास था। एजेएल उस वक्त दो और अखबार प्रकाशित करती थी- हिन्दी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज। साल 2008 तक एजेएल इन तीनों अखबारों को चलाती रही, लेकिन इसी साल एजेएल ने सभी प्रकाशनों को निलंबित कर दिया और कर्ज में डूब गया। कंपनी को उबारने के लिए नेशनल हेराल्ड की कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को 90 करोड़ का लोन दिया। 

इसके बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने 23 नवंबर 2010 को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक नई नॉट फॉर प्रॉफिट कंपनी बनाई जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया। यंग इंडियन कंपनी में सोनिया और राहुल के पास 38-38 प्रतिशत शेयर थे, जबकि बाकी के 24 प्रतिशत शेयर अन्य सदस्यों के पास थे। बाद में इस कंपनी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का अधिग्रहण कर लिया। 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर यंग इंडियन को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस पार्टी का लोन चुकाना था। 9 करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को एजेएल के 99 फीसदी शेयर हासिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया। यानी यंग इंडियन को मुफ्त में स्वामित्व मिल गया। स्वामी ने इसी 90 करोड़ रुपये के प्रकरण में हवाला कारोबार का शक जताया है।

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक नवंबर 2012 को एक याचिका दायर कर सोनिया, राहुल समेत कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। याचिका में उन्होंने कहा कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने सिर्फ 50 लाख रुपए में 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का तरीका निकाला जो नियमों के खिलाफ है। स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी के जरिये इन लोगों को नेशनल हेराल्ड और कौमी आवाज अखबारों के प्रकाशन अधिकार भी दिल्ली और यूपी में स्थित संपत्ति समेत मिल गए।

स्वामी ने कहा कि नेशनल हेराल्ड की संपत्ति का उपयोग सिर्फ अखबारों के प्रकाशन के लिए किया जा सकता है, लेकिन हेराल्ड हाउस को पासपोर्ट ऑफिस को किराये पर देकर उससे करोड़ों रुपए कमाए गए। याचिका में आरोप लगाया गया कि 50 लाख रुपए में नई कंपनी बनाकर एजेएल की 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने की चाल चली गई।