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नेशनल स्पॉट एक्सचेंज घोटाला: पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी गिरफ्तार

जिंसों का बाजार चलाने वाले एनएसईएल में जुलाई 2013 में कथित घोटाला सामने आया था. इसमें कुल 5,600 करोड़ रुपये की गड़बड़ी किए जाने के आरोप हैं.

नेशनल स्पॉट एक्सचेंज घोटाला: पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुंबई: नेशनल स्टाक एक्सचेंज लि (एनएसईएल) के पूर्व वित्त अधिकारी (सीएफओ) शशिधर कोटियान को एक्सचेंज में भारी घोटाले की जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध जांच शाखा ने गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है. जिंसों का बाजार चलाने वाले एनएसईएल में जुलाई 2013 में कथित घोटाला सामने आया था. इसमें कुल 5,600 करोड़ रुपये की गड़बड़ी किए जाने के आरोप हैं.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कोटियान को शुक्रवार को एक अदालत में पेश किया. अदालत की अनुमति से कोटियान 28 जनवरी तक पुलिस की हिरासत में रहेंगे. 

आर्थिक अपराध शाखा ने अदालत में रिमांड की अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा कि उसे नेशनल स्पॉट एक्सचेंज के इस पूर्व अधिकारी के खिलाफ कुछ नए सबूत मिले हैं जिनके संदर्भ में पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है.

उद्यमी जिगनेश शाह की कंपनी 63 मून्स टेक्नोलाजीज द्वारा प्रवर्तित इस एक्सचेंज में कथित गोरखधंधे से पर्दा उठा तो पता चला कि निवेशकों ने इस एक्सचेंज के जरिए जिन जिंसों के लिए पैसा लगाया था वे वास्तव में खरीदी ही नहीं गयी थीं. 63 मून्स टेक्नोलाजीज पहले फाइनेंशियल टेक्नोलाजीज नाम से जानी जाती थी. इसमें शाह 45 प्रतिशत के हिस्सेदार हैं.

31 जुलाई 2013 को यह एक्सचेंज निवेशकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाने में चूक कर गया. मामला सामने आने के बाद भुगतान का संकट उत्पन्न हो गया और कुल 13,000 से अधिक निवेशकों ने दावा किया है कि उनको उनका पैसा या माल नहीं मिला है.

शाह ने पांच-छह एक्सचेंज शुरू किए थे. विनियामकों ने तब से उन पर किसी भी एक्सचेंज का संचालन करने पर पाबंदी लगा दी है. मुंबई पुलिस ने इस मामले में 27 दिसंबर 2018 को कुल 63 इकाइयों के खिलाफ आरोप-पत्र प्रस्तुत किए थे. इसमें 27 व्यक्तियों और 36 कंपनियों के नाम हैं.