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CAA: 'मुसलमान तो अपने पूर्वजों की कब्र दिखा देंगे, हिंदू अपना क्या सबूत दिखा पाएंगे'

ठाणे में एक रैली को संबोधित करने के दौरान मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने विवादास्पद बयान दिया.

CAA: 'मुसलमान तो अपने पूर्वजों की कब्र दिखा देंगे, हिंदू अपना क्या सबूत दिखा पाएंगे'
CAA को लेकर एनसीपी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने मोदी सरकार पर जुबानी हमला किया.

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता जितेंद्र आव्हाड ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) को लेकर कहा कि यह कानून सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. मुसलमान तो अपने पूर्वजों की कब्र दिखा देंगे, लेकिन क्या हिंदू बता सकता है कि उसके परदादा का अंतिम संस्कार कहां हुआ था.

उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री आव्हाड ने कहा, ''जितना धोखा मुसलमानों के साथ होने वाला है, उतना ही धोखा उनके साथ होने वाला है जिनको पांच हजार साल आपने दबाकर रखा था.''

महाराष्ट्र में CAA को लागू नहीं होने दिया जाएगा
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा राज्य सरकार में मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा, हम बीजेपी को रोकने के लिए राज्य सरकार में शामिल हुए हैं. 'जब तक हम सत्ता में है सीएए महाराष्ट्र में लागू नहीं होगा'. कांग्रेस नेता ने कहा, 'अंबेडकर जी ने जो संविधान देश को दिया है उसके खिलाफ कोई सरकार नहीं जा सकती चाहे वो दिल्ली की हो या मुंबई की.'  उन्होंने कहा हमारा देश के सेक्यूलर देश है और जो कानून बने उसे सविंधान के दायरे में होना चाहिए.

नए कानून का विरोध
गौरतलब है अब तक केरल और पंजाब सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुके हैं. वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार भी पहले ही कह चुकी है कि वह नए कानून के खिलाफ है.

क्या है इस कानून में
इस कानून में हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों के प्रवासियों को नागरिकता देने का प्रावधान है. इस कानून के तहत 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले तीन देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी, बशर्ते वे मुस्लिम न हों.

10 जनवरी को लागू हुआ
यह विवादास्पद कानून नागरिकता अधिनियम-1955 का संशोधित रूप है. यह 11 दिसंबर, 2019 को संसद द्वारा पारित किए जाने के लगभग एक महीने बाद 10 जनवरी को लागू हुआ, जब गृह मंत्रालय ने गजट अधिसूचना के माध्यम से इसकी घोषणा की.

देशभर में विरोध
बता दें सीएए को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है. विपक्षी दलों के साथ ही आम लोग भी इस कानून के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.   सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के दौरान 26 लोगों की मौत हो चुकी है. सिर्फ उत्तर प्रदेश में 21 लोग मारे जा चुके हैं और 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो चुके हैं.