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तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद के दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर से जुड़े हैं तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद के दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर से जुड़े हैं तार
तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आयकर विभाग के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद (Tablighi Jamaat chief Maulana Saad) पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. उस पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगे हैं. साद के खिलाफ महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम (2005), फॉरेनर्स एक्‍ट समेत भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया गया है. COVID-19 महामारी फैलने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद धार्मिक मण्‍डली आयोजित करने और उससे हुई लोगों की मौत के लिए भी साद पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

खबरों के अनुसार, ईडी ने साद और तब्लीगी जमात के अन्य सदस्यों के खातों की जांच की है. इसमें जमात प्रमुख के खिलाफ ऐसे सबूत मिले हैं जो उसके संबंध पूर्वोत्तर दिल्‍ली में हुए दंगे (Delhi Riot) के आरोपी और  AAP विधायक ताहिर हुसैन (AAP MLA Tahir Hussain) से जोड़ते हैं. उसके संबंध दिल्ली दंगों के एक और आरोपी फैसल फारूकी से भी मिले हैं. फारूकी दिल्ली के राजधानी स्कूल का मालिक है. 

ये भी पढ़ें: कोरोना वायरस की दवा का किया दावा! आयुष मंत्रालय ने BHU को दी ट्रायल की मंजूरी

दिल्‍ली दंगा आरोपी के स्‍कूल में जमात प्रमुख ने किया है निवेश  
पिछले कुछ महीनों में जांच एजेंसी ने ताहिर हुसैन और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की कई कार्रवाई कीं. वहां से बरामद हुए अहम दस्तावेजों की जांच से पता चलता है कि साद, ताहिर और फारूकी ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत संपत्ति अर्जित की है. 

ईडी को यह भी पता चला है कि साद ने राजधानी स्कूल की लग्‍जरी बिल्डिंग के निर्माण में भी निवेश किया है, जिसका मालिक दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड फैसल फारूकी है. इसके अलावा, साद ने अपने काले धन को फारूकी के स्वामित्व वाले दूसरे स्कूल में भी निवेश किया था. 

मौलाना साद के एक करीबी रिश्‍तेदार अलीम ने जमात प्रमुख के पैसे और निवेश का जिम्‍मा संभाला. इतना ही नहीं अलीम मरकज में होने वाली विदेशी फंडिंग की भी देखरेख करता था. अलीम की भतीजी की शादी साद के बेटे से हुई है. 

अलीम मरकज़ में ही रहता था और निज़ामुद्दीन मरकज़ के कामकाज का प्रबंधन करता था. 

जांच एजेंसी ने दिल्ली दंगों के दौरान की कॉल डिटेल्स खंगाली तो पता चला कि अलीम और फैसल फारूकी के बीच अक्‍सर बातचीत होती थी. 

जिस बंगले में छिपा है साद, उसमें भी किया है निवेश 
मौलाना साद वर्तमान में दिल्ली के जाकिर नगर स्थित जिस लक्जरी बंगले में पिछले तीन महीने से छिपा है, उसका मालिक अलीम है. हालांकि, लेकिन जांच एजेंसी को संदेह है कि मौलाना साद ने इस संपत्ति में भी निवेश किया है.

माना जा रहा है कि साद के पास कई जगहों पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति है. ईडी इसकी भी जांच भी कर रही है. अभी तक ED ने मरकज से जुड़े जिन लोगों से पूछताछ की है, उनमें अलीम और मौलाना साद के तीन बेटे शामिल हैं.