महाराष्ट्र की राजनीति में अभी भी उलझा है पेंच, तेजी से पलट रही 'नंबर गेम' की बाजी

सुबह जब फडणवीस ने शपथ ली तो बाजी बीजेपी की हाथ रही लेकिन शाम-शाम होते-होते तस्वीर बदलने लगी. 

महाराष्ट्र की राजनीति में अभी भी उलझा है पेंच, तेजी से पलट रही 'नंबर गेम' की बाजी
बदलती तस्वीर एनसीपी और शिवसेना की बैठक के बाद नजर आई.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सियासी समीकरण पल-पल बदल रहे हैं. शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में फडणवीस सरकार के खिलाफ याचिका दायर कर दी है. हालांक सुप्रीम कोर्ट ने अभी याचिका की सुनवाई के लिए समय तय नहीं किया है. सुबह जब फडणवीस ने शपथ ली तो बाजी बीजेपी की हाथ रही लेकिन शाम-शाम होते-होते तस्वीर बदलने लगी. यह बदलती तस्वीर एनसीपी और शिवसेना की बैठक के बाद नजर आई. एनसीपी की बैठक में पार्टी के 54 में से 50 विधायकों के हिस्सा लेने की खबर है.

यानी अजित पवार के साथ अब महज तीन विधायक साथ बताए जा रहे हैं. यानी शरद पवार अपने विधायकों को अपने साथ फिर से जोड़ने में कामयाब नजर आ रहे हैं. उधर, परेशान अजित पवार एनसीपी की मीटिंग की पल-पल अपडेट लेते रहे और दूसरे विधयकों से भी संपर्क करते रहे. हालांकि अजित पवार ने उन्हें मनाने गए एनसीपी नेताओं से साफ कह दिया है कि वह फैसले से पीछे नहीं हटेंगे. एनसीपी ने अजित पवार पर बड़ी कार्रवाई की है. अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है. जयंत पाटिल एनसीपी विधायक दल के नए नेता चुने गए हैं. उन्हें पूरे संवैधानिक अधिकार सौंपे गए हैं. 

एनसीपी की बैठक में धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) भी भाग लेने पहुंचे. मुंडे ने ही अजित पवार (Ajit Pawar) के साथ विधायकों को अपने पक्ष में किया और बीजेपी के समर्थन के लिए उन्हें तैयार किया. अब वही मुंडे एनसीपी की बैठक में भाग लेने पहुंचे. मुंडे अजित पवार के खास बताए जाते हैं. इनके पीए फडणवीस की शपथ ग्रहण समरोह में भी दिखाई दिए थे. महाराष्ट्र के बीड इलाके से चुनाव जीतकर आए हैं. बीजेपी की धाकड़ नेता और अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) को चुनाव मे हराया है. 

दूसरी अहम बैठक शिवसेना की हुई जिसमें पार्टी के पूरे 56 विधायक हिस्सा लेने पहुंचे. यही नहीं 4 निर्दलीय विधायकों ने भी शिवसेना की बैठक में हिस्सा लिया. उद्धव ठाकरे ने 56 शिवसेना और 4 निर्दलीय विधायकों के साथ ललित होटल में बैठक की है. शिवसेना ने 162 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. बीजेपी 173 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है. 

फ्लोर टेस्ट में साबित होगी फाइनल तस्वीर
अगर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई दखल नहीं दिया गया तो फडणवीस को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करना है. बीजेपी ने 173 विधायकों के समर्थन का दावा किया है लेकिन एनसीपी की बैठक में जिस तरह से 50 विधायक शामिल हुए हैं, उससे साफ है कि बीजेपी को बहुमत का आंकड़ा जुटाने में काफी मशक्कत करनी होगी. असली परीक्षा फ्लोर में होगी.