रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिला NFIR प्रतिनिधिमंडल, निजीकरण समेत तमाम मुद्दों पर हुई चर्चा

इस मुलाकात में रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष, सदस्य स्टाफ, ईडी (आईआर) और अन्य वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ इन मुद्दों को लेकर गहन चर्चा की गई.

रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिला NFIR प्रतिनिधिमंडल, निजीकरण समेत तमाम मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्‍ली : नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (NFIR) ने भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों के निजीकरण और उत्‍पादन इकाइयों के निगमीकरण सहित तमाम मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की. इस मुलाकात में रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष, सदस्य स्टाफ, ईडी (आईआर) और अन्य वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ इन मुद्दों को लेकर गहन चर्चा की गई.

एनएफआईआर के प्रवक्‍ता ने एसएन मलिक ने बताया कि रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में एनएफआईआर अध्यक्ष गुमान सिंह और महासचिव डॉ. एम रघुवईया ने रेलवे मंत्रालय के कुछ फैसलों पर अपनी चिंता व्यक्त की. 

इसमें मुख्य रूप से कुछ गाड़ियों को निजी ऑपरेटरों को सौंपना, उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण, रेलवे गतिविधियों की आउटसोर्सिंग/निजीकरण, कार्यशालाओं/प्रिंटिंग प्रेसों को बंद करना आदि शामिल रहे. 

इस बैठक में रघुवइया ने कहा कि रेलवे और रेल कर्मचारियों के हित में अंतिम विचार करने के उद्देश्य से ऐसे सभी प्रस्तावों पर पहले विचार-विमर्श किया जाना चाहिए. साथ ही उन्‍होंने कहा कि स्वस्थ औद्योगिक संबंधों के संरक्षण के लिए ऐसे सभी प्रस्तावों पर पूर्व परामर्श होना आवश्यक है, जिस पर रेल मंत्री ने अपनी सहमति दी. रेल मंत्री ने यह आश्वासन भी दिया कि किसी भी नीतिगत निर्णय को लेने से पहले विचार-विमर्श किया जाएगा और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को सलाह दी कि इस पर ध्‍यान दिया जाए. 

एनएफआईआर के महामंत्री डॉ. रघुवईया ने रेल मंत्री को एक ज्ञापन भी दिया, जिसमें रेल मंत्रालय के प्रस्तावों, कर्मचारी उन्नयन, कुछ श्रेणियों के मामले में 7वें की सीपीसी सिफारिशों के कार्यान्वयन आदि शामिल थे, जिन पर रेल मंत्री ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया. 

एनएफआईआर के प्रवक्‍ता एसएन मलिक ने बताया कि रेलवे की आय और रेलवे के प्रदर्शन में सुधार के लिए रेल मंत्रालय के समक्ष एनएफआईआर द्वारा वैध सुझाव रखे जाएंगे.

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