दिल्ली को कचरा घर बनने से बचाए सरकार और निकाय : एनजीटी

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार और उसके निकायों को शहर के सभी जलस्रोतों का संरक्षण तेजी से करने और उसे साफ-सुथरा रखने को कहा है ताकि यह जगह कचरा जमा करने की जगह न बन पाए.

दिल्ली को कचरा घर बनने से बचाए सरकार और निकाय : एनजीटी

नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार और उसके निकायों को शहर के सभी जलस्रोतों का संरक्षण तेजी से करने और उसे साफ-सुथरा रखने को कहा है ताकि यह जगह कचरा जमा करने की जगह न बन पाए.

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा है कि आवासीय कॉलोनी से घिरे हुए जलस्रोतों की देख-रेख होनी चाहिए और इसे साफ-सुथरा रखा जाना चाहिए ताकि यह उस क्षेत्र के लोगों के लिए प्राकृतिक सौंदर्य का साधन बने.

एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से दिए गए एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. प्रस्ताव में दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के रजोकरी जल निकाय का पुनरोद्धार करने और इसके सौंदर्य को विकसित करने का विचार रखा गया था.

हालांकि पीठ ने यह साफ किया कि यहां कोई कंक्रीट, सीमेंट या ईट का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए और परिणाम के रूप में क्षेत्र में किसी भी तरह की भू-आकृति में बदलाव नहीं होना चाहिए. एनजीटी ने कहा है कि जलस्रोतों के संरक्षण के लिए इसी तरह का कदम डीडीए, नगर निगमों सहित सार्वजनिक प्राधिकरणों को भी उठाना चाहिए.

एनजीटी ने हाल ही में यमुना के डूबक्षेत्र में खुले में शौच और मलबे को डंप करने पर प्रतिबंध लगा दिया था और इस नियम को तोड़ने वालों पर 5,000 रुपये का पर्यावरण जुर्माना भी लगाने का प्रावधान किया था.