एनजीटी ने मोदी और योगी सरकार को भेजा नोटिस, 14 सितंबर तक देना होगा जवाब

नोएडा में भारी मात्रा में ठोस कचरा फेंके जाने से वायु प्रदूषण फैलने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवायी करते हुए एनजीटी ने केंद्र और यूपी सरकार से मांगा जवाब. 

एनजीटी ने मोदी और योगी सरकार को भेजा नोटिस, 14 सितंबर तक देना होगा जवाब
एनजीटी ने मोदी और योगी सरकार को भेजा नोटिस (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: नोएडा में भारी मात्रा में ठोस कचरा फेंके जाने से वायु प्रदूषण फैलने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवायी करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है. न्यायमूर्ति जवाद रहीम की अगुवाई वाली पीठ ने शहरी विकास मंत्रालय, योगी आदित्यनाथ सरकार, नोएडा प्राधिकरण और अन्य लोगों को नोटिस जारी कर उनसे 14 सितंबर तक जवाब देने को कहा है.

पीठ ने कहा, ‘‘प्राथमिक सुनवाई संतोषजनक लेकिन मामले में आगे की सुनवाई की जरूरत है. इसे लेकर दिया गया आवेदन स्वीकार किया जाता है. मामले के पक्षकारों को नोटिस भेजा गया है.’’ एनजीटी नोएडा निवासी याचिकाकर्ता अभीष्ट कुसुम गुप्ता की ओर से दायर किए गए आवेदन पर सुनवाई कर रहा था. गुप्ता ने सेक्टर 138-140 में खुले में बड़े पैमाने पर कचरा फेंके जाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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आवेदन में कहा गया है कि नोएडा प्राधिकरण लगातार ट्रकों से ठोस कचरा भरकर यहां ला रहा है और बहुत ही लापरवाही के साथ उसे फेंक रहा है. इससे दुर्गन्ध उठ रही है. उसमें कहा गया है कि आसपास के क्षेत्र के लोग अपने घरों की बालकनी के दरवाजें खुले नहीं रख सकते हैं, क्योंकि कचरा फेंकने की जगह से उठने वाली बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो जाता है. याचिका में कहा गया है कि नोएडा प्राधिकरण ने करीब दो साल पहले अस्थायी तौर पर यहां कचरा फेंकना शुरू किया था.

अपील में यहां कचरा फेंके जाने पर तत्काल रोक लगाने का आदेश देने की मांग की गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि जब तक कचरे के निपटान के लिए कोई जगह तय नहीं कर दी जाती तब तक इलाके में किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.