महज 12 घंटे में पूरा होगा दिल्ली से मुंबई का सफर, सरकार ने इस दिशा में बढ़ाया अहम कदम

NHAI दिल्ली स्थित DND फ्लाइवे से लेकर सोहना तक के लिए 3 स्ट्रैच/ पैकेज जारी करेगी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए NHAI ने पहले पैकेज के लिए दिल्ली के DND फ्लाईवे से लेकर बल्लभगढ़ के लिए बिडिंग प्रक्रिया के तहत आवेदन मंगाए हैं. 

महज 12 घंटे में पूरा होगा दिल्ली से मुंबई का सफर, सरकार ने इस दिशा में बढ़ाया अहम कदम
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: दिल्ली से मुंबई (Delhi to Mumbai) की दूरी करीब 1400 किलोमीटर है और दोनों राज्यों का सफर तय करने में 18 से 20 घंटे का समय लगता है. लेकिन सरकार काफी तेजी से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) के कंस्ट्रेक्शन के काम को आगे बढ़ा रही है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनाने के लिए National Highways Authority of India (NHAI) ने बिड मंगाई है. ऑथोरिटी ने बिडिंग प्रक्रिया के तहत प्राइवेट प्लेयर से आवेदन मंगाए हैं. 

जानकारी के मुताबिक, NHAI दिल्ली स्थित DND फ्लाइवे से लेकर सोहना तक के लिए 3 स्ट्रैच/ पैकेज जारी करेगी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए NHAI ने पहले पैकेज के लिए दिल्ली के DND फ्लाईवे से लेकर बल्लभगढ़ के लिए बिडिंग प्रक्रिया के तहत आवेदन मंगाए हैं. 

योजना के तहत DND फ्लाइवे से बल्लभगढ़ स्ट्रैच पर काम फरवरी 2021 से शुरू हो जाएगा और इस काम को मई-जून 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है. 

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दूसरे पैकेज के लिए NHAI ने जैतपुर से बल्लभगढ़ के 25 किमी एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए बिड मंगाई है. जबकि बल्लभगढ़ से सोहना 26 किमी स्ट्रेच के तीसरे पैकेज के लिए NHAI इसी हफ्ते बिडिंग प्रक्रिया की शुरुआत करेगी. 

1 लाख करोड़ रुपये की लागत 
आपको बता दें कि इस हाईवे के किनारे स्मार्ट सिटी बनाने के बारे में भी विचार किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार इस पर अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय और PMO की तरफ से ही लिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने बीते अप्रैल में जानकारी दी थी कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से लगेगी. इस परियोजना के बाद दिल्ली से मुंबई की दूरी को महज 12 घंटे में तय किया जा सकता है. 

परियोजना के बाद 16 हजार करोड़ की बचत
गडकरी के मुताबिक सरकार ने इस परियोजना पर अकेले भूमि अधिग्रहण के मोर्चे पर लगभग 16,000 करोड़ रुपये की बचत की है. इसे अब गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के पिछड़े और दूर-दराज के इलाकों से जोड़ा जा सकेगा.