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‘बहुत पुराने’ जेल कानून के स्थान पर नए कानून के पक्ष में NHRC

सन् 1894 के जेल अधिनियम को बहुत पुराना करार देते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को सिफारिश की कि कैदियों के मूलभूत मानवाधिकार को सुनिश्चित करने के लिए इस कानून के स्थान पर दूसरा कानून बनना चाहिए।

‘बहुत पुराने’ जेल कानून के स्थान पर नए कानून के पक्ष में NHRC

 नई दिल्ली : सन् 1894 के जेल अधिनियम को बहुत पुराना करार देते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को सिफारिश की कि कैदियों के मूलभूत मानवाधिकार को सुनिश्चित करने के लिए इस कानून के स्थान पर दूसरा कानून बनना चाहिए।

एनएचआरसी अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) के जी बालकृष्णन ने जेल नियमावली में समानता की भी वकालत की ताकि सभी कैदियों को समान सुविधा प्राप्त हो।

उन्होंने कहा, केंद्रीय गृहमंत्रालय भी 1894 के जेल कानून में संशोधन के लिए कुछ मॉडल नियम सुझा सकता है। उन्होंने जेल सुधार पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन पर कहा कि विभिन्न राज्यों की कार्यवाही रिपोर्ट से जेल सुधार की अच्छी तस्वीर सामने आयी है लेकिन काफी कुछ किए जाने की जरूरत है।

आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) साइरक जोसेफ ने बताया कि आयोग की एक महत्वपूर्ण सिफारिश 1894 के जेल कानून को बहुत पुराना होने की वजह बदले जाने की जरूरत है तथा एनएचआरसी को एक मसौदा विधेयक तैयार करना चाहिए।