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आज राज्यसभा में पेश होगा NIA बिल, सोमवार को लोकसभा में हो चुका है पास

इस विधेयक के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भारत से बाहर किसी भी गंभीर अपराध के संबंध में मामले का पंजीकरण करने और जांच का निर्देश देने का प्रावधान किया गया है. 

आज राज्यसभा में पेश होगा NIA बिल, सोमवार को लोकसभा में हो चुका है पास
फाइल फोटो

नई दिल्लीः राज्यसभा में आज एनआईए बिल पेश किया जाएगा, यह बिल सोमवार को लोकसभा में पास हो चुका है. संसद के बजट सत्र में हंगामे और तीखी नोकझोंक के बाद सोमवार को लोकसभा में 'एनआईए संशोधन विधेयक 2019' को मंजूरी दे दी गई. इस विधेयक के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भारत से बाहर किसी भी गंभीर अपराध के संबंध में मामले का पंजीकरण करने और जांच का निर्देश देने का प्रावधान किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने 'एनआईए संशोधन विधेयक 2019' का समर्थन किया. वहीं, इस बिल पर चर्चा के दौरान शाह की एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से तीखी बहस भी हुई. 

गृह मंत्री ने ओवैसी से कहा, 'जब कोई और बोलता है तो आप चुप रहकर सुनते हैं लेकिन जब सत्यपाल सिंह बोल रहे हैं तो आप लगातार बीच में बोल रहे हैं. आपको सुनने की आदत डालनी होगी.' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एनआईए तेजी से मामलों को खत्म करती है और एजेंसी ने अपने 90 फीसदी केस समाप्त किए हैं, जो दुनियाभर की एजेंसियों की तुलना में अच्छा है. शाह ने एनआईए की तारीफ करते हुए कहा कि मजबूत एनआईए के साथ भारत आतंकवाद को खत्म करेगा.  

विपक्ष के द्वारा एजेंसी के गलत रूप से प्रयोग किए जाने के सवाल पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार कानून के नियमों से चलती है और सभी जांच एजेंसियां कानून द्वार स्थापित प्रक्रिया का ही पालन करती है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार की आतंकवाद को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति की सराहना की. गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद को आतंकवाद के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. आतंकवाद में राइट और लेफ्ट नहीं होता है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाओं के अपराधियों को दंडित करने की जरूरत है और उन्हें दंडित किया जाएगा.

मोटर व्हिकल संशोधन बिल भी पेश 
वहीं लोकसभा में सोमवार को मोटर व्हिकल संशोधन बिल भी पेश किया गया था. सोमवार को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि इस बिल का मकसद रोड एक्सीडेंट में कमी लाकर लोगों के जीवन को महफूज बनाना है. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए सरकार कड़े प्रावधान करने जा रही है. गडकरी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि देश में फिलहाल 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस बोगस हैं.

गडकरी ने कहा कि अपने देश में हर साल सड़क हादसों में 1.5 लाख लोग जान गंवाते हैं. मैंने सड़क हादसों पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश की लेकिन पांच सालों के दौरान 3.4 फीसदी सड़क हादसे रोक पाने में ही सफल रहा. उन्होंने स्वीकार किया कि इन हादसों को रोकने में हम नाकाम रहे. हालांकि, तमिलनाडु में इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है. यहां सड़क हादसे की 15 फीसदी घटनाएं रुकी हैं.

बता दें, मोटर व्हीकल अमेंडमेंट एक्ट को 18 राज्यों के ट्रांसपोर्ट मंत्रियों ने मिलकर तैयार किया है. फिलहाल इस बाल को लेकर स्टैंडिंग कमेटी में चर्चा हुई है. नितिन गडकरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोगों की जान बचे, इसलिय इस बिल को पारित कराया जाए.

बिल पर चर्चा के बाद शाम को वोटिंग होगी.  नए मोटर व्हीकल बिल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए जहां जुर्माने को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है वहीं कुछ सजा का भी प्रस्ताव हैं. मोटर व्हिकल संशोधन बिल पास हुआ तो शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना. हेलमेट ना पहनना और सीट बेल्ट लगाना भूलने पर1000 रुपए का जुर्माना. ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करने पर  5000 रुपए का जुर्माना लगेगा. इसके साथ ही इस बिल के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है. वर्तमान में यह केवल 2 हजार रुपये है. 

अभी                   बिल पास हुआ तो...
2000रु                10,000

बिना हेलमेट गाड़ी चलाना 
अभी           बिल पास हुआ तो...
100             1,000

बिना लाइसेंस ड्राइविंग 
अभी           बिल पास हुआ तो...
500             5,000         

सीट बेल्ट लगाए बिना ड्राइविंग
अभी           बिल पास हुआ तो...
100           1,000         

ड्राइविंग के वक्त मोबाइल पर बात 
अभी           बिल पास हुआ तो...
1000           5,000         

नाबालिग की ड्राइविंग 
अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे. ऐससे में 25000 रु के ज़ुर्माने के साथ 3 साल की जेल भी हो सकती है.