Nipah Virus India: देश में एक बार फिर निपाह वायरस ने चिंता बढ़ा दी है. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात अस्पताल में काम करने वाली दो नर्सों में निपाह वायरस की पुष्टि हुई है. पुणे स्थित NIV ने बंगाल से भेजे गए दोनों सैंपल में संक्रमण की पुष्टि की है. इससे पहले इन सैंपल्स की जांच AIIMS कल्याणी में की गई थी. आइए आपको पॉइन्टर्स की मदद से पूरी खबर बताते हैं.
नर्स की हालत गंभीर
- अस्तपताल में दोनों मरीज वेंटिलेटर पर हैं. एक महिला नर्स कोमा में है.
- दोनों का इलाज उसी बारासात अस्पताल में चल रहा है जहां वे काम करती थीं.
- डॉक्टरों का कहना है कि सभी जरूरी नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है.
- निपाह वायरस की गंभीरता और इसकी ज्यादा मौत की दर चिंता का कारण बनी हुई है.
संपर्क में आए 120 से ज्यादा लोग
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- स्वास्थ्य विभाग ने अब तक करीब 120 ऐसे लोगों की पहचान की है जो इन दोनों नर्सों के संपर्क में आए थे.
- सभी लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है.
- आइसोलेशन में रखे गए लोगों में नर्सों के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं.
- कई डॉक्टर, नर्स, एंबुलेंस के ड्राइवर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी निगरानी में हैं.
- स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभी भी की जा रही है. यह संख्या आगे बढ़ भी सकती है.
- पूर्व बर्दवान स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कटवा से 10 लोग जिनमें 2 डॉक्टर शामिल हैं, उन्हें घर से अलग रहने को कहा है. वहीं बर्दवान से 38 लोग जिनमें 8 डॉक्टर हैं.
संक्रमण का स्रोत साफ नहीं
- अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि संक्रमण कहां से फैला है.
- यह इंसान से इंसान में फैला हो सकता है. या फिर संक्रमित फल या कच्चे खजूर के रस से वायरस फैला हो सकता है.
- सूत्र बता रहे हैं कि बारासात अस्पताल का एक स्वास्थ्यकर्मी कुछ हफ्ते पहले निपाह जैसे लक्षणों के बाद मर गया था. वहीं से संक्रमण फैला हो सकता है.
कच्चा खजूर रस भी खतरा
- विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में गांवों में लोग कच्चा खजूर रस पीते हैं.
- इस रस पर फल खाने वाले चमगादड़ बैठते हैं, चमगादड़ निपाह वायरस को फैलाने वाले माने जाते हैं.
भारत में निपाह क पहला मामला
- भारत में निपाह का पहला मामला 2001 में सिलीगुड़ी में सामने आया था.
- आपको बता दें कि 2007 में नदिया जिले में दूसरी केस देखने को मिल था.
- 2018 से केरल में इसके कई मामले सामने आ चुके हैं.
- और अब पश्चिम बंगाल में 2 मामले आए हैं.
- झारखंड सरकार ने भी इस मामले को लेकर अलर्ट जारी किया है.
क्यों खतरनाक है निपाह वायरस
- निपाह वायरस से मौत की दर 40 से 75 प्रतिशत तक मानी जाती है.
- अभी तक इस वायरस की कोई पक्की दवा या वैक्सीन नहीं बन पाई है.
- यह दिमाग पर असर डालता है. लंबे समय तक आपके लिए परेशानी छोड़ सकता है.
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय