निर्भया के दोषियों को अभी तक फांसी क्‍यों नहीं? DCW ने तिहाड़ जेल को नोटिस जारी किया
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निर्भया के दोषियों को अभी तक फांसी क्‍यों नहीं? DCW ने तिहाड़ जेल को नोटिस जारी किया

दिल्‍ली महिला आयोग (डीसीडब्‍ल्‍यू) ने मंगलवार को तिहाड़ जेल प्रशासन और दक्षिणी जिले के डीसीपी को निर्भया के बलात्कारियों को मौत की सजा ना दिए जाने पर नोटिस जारी किया.

  • निर्भया की मां आशा देवी ने इस बाबत राज्‍य महिला अयोग से शिकायत की थी.
  • नोटिस में पूछा गया, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पांच महीने बाद भी दोषियों को फांसी क्‍यों नहीं दी गई.
  • बड़े शर्म की बात है कि निर्भया को अभी तक देश में न्याय नहीं मिला- स्‍वाति जयहिंद

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निर्भया के दोषियों को अभी तक फांसी क्‍यों नहीं? DCW ने तिहाड़ जेल को नोटिस जारी किया

नई दिल्‍ली : दिल्‍ली महिला आयोग (डीसीडब्‍ल्‍यू) ने मंगलवार को तिहाड़ जेल प्रशासन और दक्षिणी जिले के डीसीपी को निर्भया के बलात्कारियों को मौत की सजा ना दिए जाने पर नोटिस जारी किया.

न्‍यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, निर्भया की मां आशा देवी ने राज्‍य महिला अयोग से शिकायत की थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पांच महीने बाद भी दोषियों को मृत्‍युदंड नहीं दिया गया. सर्वोच्च न्यायालय ने आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी.

दिल्‍ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्‍वाति जयहिंद ने निर्भया की मां की अर्जी पर तत्‍काल संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन और डीसीपी (साउथ) को नोटिस जारी किए. नोटिस में उन्‍होंने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पांच महीने बाद भी दोषियों को फांसी क्‍यों नहीं दी गई. 

डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति जयहिंद ने तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर पूछा कि क्या उनके द्वारा चारों दोषियों को फांसी देने के आदेश जारी किए जा चुके हैं या नहीं. अगर फांसी देने के आदेश जारी किए जा चुके हैं तो अभी तक उन पर पालन क्यों नहीं हुआ है और इसका कारण बताया जाए. आयोग ने तिहाड़ जेल और डीसीपी से 6 नवंबर तक इसकी जानकारी मांगी है.

डीसीडब्ल्यू चेयरपर्सन स्वाति जयहिंद ने कहा कि यह बड़े ही शर्म की बात है कि निर्भया को अभी तक हमारे देश में न्याय नहीं मिला. निर्भया की माता और पूरा देश निर्भया के लिए न्याय की गुहार लगा रहा है. उन्‍होंने मांग की कि दोषियों को तुरंत फांसी होनी चाहिए.

उल्‍लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2012 को दक्षिणी दिल्‍ली में निर्भया के साथ गैंगरेप की घटना से समूचा देश हिल गया था. सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी थी.

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