तेलंगाना गैंगरेप के आरोपियों की तरह निर्भया के दोषियों को भी सजा मिले: मां ने कहा

तेलंगाना की डॉक्‍टर के गैंगरेप-मर्डर के आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया.

तेलंगाना गैंगरेप के आरोपियों की तरह निर्भया के दोषियों को भी सजा मिले: मां ने कहा

नई दिल्‍ली: तेलंगाना की डॉक्‍टर के गैंगरेप-मर्डर (Telangana Gang Rape and Murder Case) के आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जिस तरह तेलंगाना के मामले में पुलिस ने न्‍याय किया उसी तरह निर्भया के दोषियों को भी सजा मिलनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि उनकी बेटी निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुप्रीम कोर्ट ने दी है लेकिन अभी तक उनको फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया गया. हमको अभी तक न्‍याय नहीं मिला है लेकिन जिस तरह तेलंगाना पुलिस ने काम किया, उसी तरह निर्भया के दोषियों को फांसी देकर बेटी को न्‍याय देना चाहिए. ZEE NEWS से खास बातचीत करते हुए निर्भया की मां ने ये बात कही.

 उल्‍लेखनीय है कि तेलंगाना में महिला डॉक्‍टर से गैंगरेप (Gang Rape) करने के बाद उसकी जलाकर हत्‍या करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. चारों आरोपियों को मौका ए वारदात पर घटनाक्रम को समझने (क्राइम सीन रिकंस्‍ट्रक्‍शन) के लिए ले जाया गया था, लेकिन यहां से इन्‍होंने भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने इन्‍हें मुठभेड़ में मार गिराया. बताया यह भी जा रहा है कि आरोपियों ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस ने आत्‍मरक्षा में इन्‍हें मार गिराया. सुबह पुलिस कमिश्‍नर मौके पर पहुंचे हैं. तेलंगाना पुलिस ने आरोपियों के एनकाउंटर की पुष्टि की है. आरोपियों के शवों को पोस्‍टमॉर्टम के लिए महमूदनगर अस्‍पताल ले जाया जाएगा है.

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हैदराबाद : महिला डॉक्‍टर गैंगरेप और मर्डर केस के चारों आरोपियों का पुलिस ने किया एनकाउंटर

गौरतलब है कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशाबाद में पिछले हफ्ते 27 वर्षीय पशु चिकित्सक युवती के साथ चार ट्रक ड्राइवरों और क्लीनर ने सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसे जलाकर मार देने की वीभत्‍य घटना को अंजाम दिया था. इस केस की त्वरित सुनवाई के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को विशेष अदालत गठित करने का आदेश दिया था. सरकार ने सुझाया कि महबूबनगर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत को विशेष अदालत में बदलकर मामले की त्वरित सुनवाई की जाए.

सरकार ने यह आदेश तब दिया, जब उच्च न्यायालय ने विशेष अदालत के लिए विधि सचिव द्वारा भेजा गया प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. विशेष अदालत महबूबनगर में इसलिए बनाई गई, क्योंकि मामला पास के शादनगर थाने में दर्ज है. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने मामले की जल्द सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की पहल करने का अधिकारियों को निर्देश दिया था.