'हेमा मालिनी को दी गई जमीन की कीमत पर फैसला नहीं, पहले वाली जमीन वापस ली जाएगी'

बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी को कौड़ियों के भाव जमीन आवंटित करने के मुद्दे पर चौतरफा घिरी महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि उप-नगरीय वर्सोवा इलाके में अभिनेत्री को पहले आवंटित की गई जमीन वापस ली जाएगी। इस बीच, अधिकारी अंधेरी इलाके में हेमा को आवंटित की गई नयी जमीन की कीमत पर फैसला नहीं कर सके हैं।

'हेमा मालिनी को दी गई जमीन की कीमत पर फैसला नहीं, पहले वाली जमीन वापस ली जाएगी'

मुंबई : बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी को कौड़ियों के भाव जमीन आवंटित करने के मुद्दे पर चौतरफा घिरी महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि उप-नगरीय वर्सोवा इलाके में अभिनेत्री को पहले आवंटित की गई जमीन वापस ली जाएगी। इस बीच, अधिकारी अंधेरी इलाके में हेमा को आवंटित की गई नयी जमीन की कीमत पर फैसला नहीं कर सके हैं।

इससे पहले, विपक्षी कांग्रेस ने हेमा की नाट्यविहार कलाकेंद्र चैरिटी ट्रस्ट के लिए अंधेरी के अंबोली इलाके में उन्हें हाल ही में महज 70,000 रुपये में दी गई जमीन के मुद्दे पर राज्य की भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर हमला बोला । भाजपा ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए ऐसे आवंटन कांग्रेस की सरकारों के दौरान भी हुए हैं।

राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से ने कहा कि राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों को वापस ली जाने वाली जमीन पर बगीचा नहीं बनने देने का आदेश दिया गया है। ताजा जमीन आवंटन नया नहीं था बल्कि वैकल्पिक आवंटन की प्रकृति का था। मुंबई उप-नगरीय जिला कलक्टर शेखर चन्ने के मुताबिक, राजस्व अधिकारियों ने अब तक अंबोली वाली जमीन की कीमत नहीं आंकी है। यह पूछे जाने पर कि क्या हेमा से सिर्फ 70,000 रुपये क्यों लिए गए, इस पर उन्होंने कहा कि अंबोली में आवंटन का आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन जमीन की कीमत पर काम किया जा रहा है। खड़से ने कहा कि ट्रस्ट ने 1996 में शास्त्रीय संगीत, कला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए जमीन की खातिर आवेदन किया था।

इससे पहले, भाजपा नीत सरकार ने अपने फैसले का बचाव किया और प्रदेश के आवास मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा कि पहली बार किसी सांस्कृतिक संस्थान के लिए सस्ती दर पर जमीन आवंटित नहीं की गई है। कांग्रेस नेता वाई बी चव्हाण समेत पार्टी के कई नेताओं की याद में स्थापित सांस्कृतिक और अकादमिक संस्थाओं ने इस तरह से लाभ उठाया है। राज्य सरकार ने 2000 वर्ग मीटर जमीन हेमा के नाट्यविहार कला केंद्र को आवंटित की है।

एक आरटीआई अर्जी के तहत मिले दस्तावेज के अनुसार मुंबई उपनगर जिला कलेक्टोरेट ने उपनगर ओशिवारा में स्थित जमीन अभिनेत्री को 35 रपये प्रति वर्ग मीटर (कुल कीमत 70,000 रपए) में आवंटित कर दी। जमीन का बाजार मूल्य करोड़ों रपये में होने का अनुमान है। कथित जमीन मूल रूप से एक बगीचे के लिए निर्धारित बताई जाती है और मामूली कीमत पर मथुरा से भाजपा सांसद को दे दी गयी जबकि उनके पास देश की आर्थिक राजधानी में पहले से एक जमीन है।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार भूमि आवंटन में दोहरे मानदंड अपना रही है। इस सरकार ने पहले कहा था कि वे सीधे तौर पर राजकोष पर असर डालने वाली सरकारी जमीनों को देने के संबंध में नयी नीति बनाएंगे। लेकिन भाजपा सांसद के मामले में इस तरह की प्रक्रिया नहीं अपनाई गयी। इस संबंध में हेमा मालिनी की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।