प्रभावित देशों से भारत में प्रवेश के लिए ‘नो इबोला’ प्रमाणपत्र अनिवार्य

केंद्र सरकार ने इबोला प्रभावित देशों से भारत में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए अपने साथ एक प्रमाणपत्र लाए जाने को अनिवार्य कर दिया है जिसमें लिखा होगा कि यात्री के शरीर में इस घातक विषाणु की कोई मौजूदगी नहीं है।

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने इबोला प्रभावित देशों से भारत में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए अपने साथ एक प्रमाणपत्र लाए जाने को अनिवार्य कर दिया है जिसमें लिखा होगा कि यात्री के शरीर में इस घातक विषाणु की कोई मौजूदगी नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में शुक्रवार को बताया कि ऐसे मामलों में जहां लोगों को इबोला उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है और उनके पास संबंधित देश के स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अस्पताल से छुट्टी होने के 90 दिन की अवधि में भारत की यात्रा पर न आएं।

विदेश मंत्रालय ने 21 नवंबर को लाइबेरिया से लौटे एक व्यक्ति को दिल्ली हवाई अड्डे पर अलग थलग रखे जाने के बाद आबिदजान (आइवरी कोस्ट), अबुजा (नाइजीरिया), एकरा (घाना) तथा नियामे (नाइजर) में भारतीय दूतावासों को परामर्श जारी किया है। यह व्यक्ति वहां इबोला की चपेट में आया था और ठीक हो गया था लेकिन मंत्रालय ने उस समय कहा था कि बीमारी के संबंध में उसके वीर्य की जांच के नमूने पोजिटिव आए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि कई बार शरीर के तरल पदार्थ में उपचार के बाद भी विषाणु रह जाता है।