कोई भी देश के लोकतंत्र को हिला नहीं सकता, यह हमारी धमनियों में है : राजनाथ

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी देश के लोकतंत्र को हिला नहीं सकता क्योंकि यह किसी दूसरे देश से नहीं आया है बल्कि हमारी धमनियों में है।

कोई भी देश के लोकतंत्र को हिला नहीं सकता, यह हमारी धमनियों में है : राजनाथ

रांची: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी देश के लोकतंत्र को हिला नहीं सकता क्योंकि यह किसी दूसरे देश से नहीं आया है बल्कि हमारी धमनियों में है।

आपातकाल को याद करते हुए सिंह ने कहा कि वास्तव में 1971 में ही आपातकाल शुरू हो गया था जब संसद द्वारा यह संशोधन पारित किए गए कि अदालतें भी कोई समीक्षा नहीं कर सकतीं। उन दिनों, जब वह 18 महीने के लिए जेल में डाल दिए गए थे, को याद करते हुए सिंह ने कहा, ‘क्या वह लोकतंत्र था।’ सिंह ने इंदिरा गांधी के निर्वाचन के खिलाफ अदालत के बाद के फैसले को स्मरण किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं का जन्म 1975-1977 के बाद हुआ और उन्हें इसके बारे में जानना चाहिए। निर्दोष लोगों के खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा, ‘कोई भी लोकतंत्र को हिला नहीं सकता। यह बाहर से नहीं आया है... यह हमारी धमनियों में है, यह किसी अन्य देश से नहीं आया है।’