सरकार ने कहा, 'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को Aadhaar से जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है'

सरकार के मुताबिक 2016 में 633 URL ब्लाक किए गए. वहीं साल 2017 में 1385, साल 2018 में 2799 यूआरएल और साल 2019 में अब तक 3433 यूआरएल ब्लॉक किए जा चुके है.

सरकार ने कहा, 'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को Aadhaar से जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है'

नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज लोकसभा में बताया कि सरकार का सोशल मीडिया के अकाउंट को आधार से जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उन्होंने सदन को बताया कि आधार का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित हैं और समय समय पर सरकार द्वारा इसका ऑडिट भी होता है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि आईटी एक्ट के सेक्शन 69-ए के तहत देश और जनहित के मामलों में ही सरकार को किसी का अकाउंट ब्लॉक करने का अधिकार है. 

सरकार के मुताबिक 2016 में 633 URL ब्लाक किए गए. वहीं साल 2017 में 1385, साल 2018 में 2799 यूआरएल और साल 2019 में अब तक 3433 यूआरएल ब्लॉक किए जा चुके है.

सरकार लोगों की निजता के अधिकार के लिए प्रतिबद्ध है: रविशंकर प्रसाद
बता दें कि 1 नवंबर को ज़ी मीडिया के #IndiaKaDNA कॉन्क्लेव में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सरकार लोगों की निजता के अधिकार के लिए प्रतिबद्ध है. डिजिटल इंडिया को लेकर बेवजह डर का माहौल बनाया जा रहा है. देश में 121 करोड़ मोबाइल हैं, सतर्कता रखें, कुछ गलत होगा, कार्रवाई होगी. 

गौरतलब है कि सितंबर माह में सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक (Facebook) और व्हाट्सएप (WhatsApp) को आधार से लिंक करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था. शीर्ष अदालत ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा कि क्या सरकार सोशल मीडिया को रेगुलेट करने के लिए कोई गाइडलाइंस बना रही है. सरकार की तरफ से जवाब मिलने के बाद ही अदालत यह तय करेगी कि क्या इसे लेकर अलग-अलग हाई कोर्ट में चल रहे मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर किया जाए या नहीं.

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फेसबुक का कहना है कि यह मामला लोगों की निजता को प्रभावित करने वाला है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ही इस पूरे मामले में सुनवाई करे. आपको बता दें पिछले दिनों तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फेक न्यूज, अश्लील कंटेट, राष्ट्रविरोधी कंटेट पर लगाम कसने के लिए जरूरी है कि फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधार से लिंक किया जाए.

तमिलनाडु सरकार का तर्क था कि ऐसा करने से आरोपियों की पहचान आसानी से हो पाएगी. हालांकि, इसके विरोध में फेसबुक ने कोर्ट से कहा कि ऐसा करने से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा पहुंच सकता है. फेसबुक के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है. वर्तमान में इसके 40 करोड़ से ज्यादा यूजर्स सिर्फ भारत में हैं.

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