बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग पर नहीं साधी है चुप्पी : नीतीश कुमार

नीतीश ने कहा ,‘‘आंधप्रदेश की मांग नई है जबकि दिसंबर 2005 में सत्ता में आने के बाद से हम बिहार के लिए यह मांग उठा रहे हैं . ’’ 

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग पर नहीं साधी है चुप्पी : नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि बिहार को विशेष दर्जा दिलाने की मांग पर वे चुप्पी साधकर नहीं बैठे हैं और यह मीडिया और चंद लोगों की व्याख्या है जिसका तथ्य से कोई लेना देना नहीं है . हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के एक धडे के सोमवार को पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जदयू में विलय के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही . 

नीतीश ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना
आंध्र की तर्ज पर राज्य के विपक्षी दलों ने नीतीश से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए कदम उठाने की मांग की थी . इस बारे में सवाल करने पर नीतीश ने कहा ,‘‘आंधप्रदेश की मांग नई है जबकि दिसंबर 2005 में सत्ता में आने के बाद से हम बिहार के लिए यह मांग उठा रहे हैं . ’’ उन्होंने प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी पर आरोप लगाया कि जिन्होंने पहले कभी विशेष राज्य के दर्जे की मांग नहीं उठाई वे आज हमसे इस बारे में सवाल कर रहे हैं .

नीतीश ने कहा कि 15वें वित्त आयोग से हम इस बारे में बातचीत कर चुके हैं तथा राज्य द्वारा तैयार किए जा रहे दस्तावेज में भी इसे सम्मिलित किया जा रहा है . उन्होंने कहा कि वे सभी दलों के लोगों से अनुरोध करेंगे कि वे वित्त आयोग के समक्ष पेश किए जाने वाले अपने अपने दलीय ज्ञापन में भी इसे शामिल करें .

'बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग लगातार उठाते रहे हैं'
नीतीश ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को उन्होंने एक पल के लिए भी नहीं छोडा है और वे निरंतर यह मांग उठाते रहे हैं . करोडों रूपये के चारा घोटाला से जुडे दुमका कोषागार से अवैध निकासी के एक मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद को दोषी तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को बरी करार दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय पर वे प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त करते .

एक अंग्रेजी दैनिक में छपी इस खबर के बारे में पूछने पर कि सीबीआई की लीगल विंग के यह कहने के बावजूद कि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के रेलमंत्रित्वकाल के दौरान होटल के बदले भूखंड मामले में लालू के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता , उक्त केंद्रीय जांच एजेंसी ने लालू के खिलाफ मामला दर्ज किया , नीतीश ने कहा कि ये बात तो वे पहले भी वे कह रहे थे . उन्होंने कहा कि महागठबंधन (जदयू—आजेडी—कांग्रेस) के समय हमने उनसे कहा था कि इस बारे में मामला स्पष्ट कर दीजिए . यह कहना कि हमें फंसाया जा रहा है समर्थकों के सामने तो चल सकता है लेकिन आम लोगों के बीच सही संदेश जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि हमने उनसे बार बार यह बात कही और कहा कि ऐसी स्थिति में जदयू भी उनका पूरे तौर पर समर्थन करेगा लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया . इसी वजह से हमें राजद और कांग्रेस से नाता तोडने का निर्णय लेना पडा.

(इनपुट - भाषा)