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देश के लिए मिशाल बना महाराष्‍ट्र का यह किसान, कम पानी में उगाई लाखों की फसल

सूखे और खराब फसल से परेशान किसान एक तरफ, खुदकुशी जैसा कठोर कदम उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महालंगी गांव के इस किसान सीमित पानी में लाखों की फसल पैदा कर लोगों में नई उम्‍मीद जगाई है. 

देश के लिए मिशाल बना महाराष्‍ट्र का यह किसान, कम पानी में उगाई लाखों की फसल
महालंगी गांव के महादेव गोपाल ढ़वले ने 50 हजार की लागत से 5 लाख से अधिक की फसल पैदा की है.

उस्मानाबाद: महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के अंतर्गत आने वाला महालंगी गांव इन दिनों महाराष्‍ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस चर्चा की दो वजह हैं. चर्चा की पहली वजह इस गांव में लंबे समय से पड़ रहा सूखा है. वहीं चर्चा की दूसरी वजह, इस गांव में रहने वाले किसान महादेव गोपाल ढ़वले हैं, जिन्‍होंने सूखे के बावजूद लाखों रुपए का मुनाफा अपनी धनिया की खेती से कमाया है. 

दरअसल, महाराष्ट्र के उस्मानाबाद इलाके में बारिश के दिनों में भी इंद्र देवता की मेहरबानी ना के बराबर हो रही हैं. ऐसे मे किसानी का काम करने वाले महादेव ये सोचकर परेशान थे कि वो ऐसे क्या करें, जिससे उनके खेलों में कुछ हो जाए और उनके घर का खर्चा चल सके. इसी उधेड़बुन के बीच, उन्‍हें अपने 3 एकड़ खेत में धनिया लगाने की आईडिया आया. दरअसल धनिए के उपजाने में ज्यादा दिन भी ऩही लगते और इसे कम पानी में भी उगाया जा सकता है.

अपने इसी आईडिया पर काम करते हुए , महादेव ने अपने खेत में धनिया लगा दिया और खेत में ही लगे बोरवेल किसी तरह से सिंचाई भी कर डाली. महादेव ने धनिए की केती पर कुल 40 से 50 हजार रूपए खर्च किए और जब फसल तैयार हो गई तो धनिए बेचकर उन्‍होंने कुल 5 लाख 60 हजार रूपए कमाए. अगर खेती पर खर्च की गई रकम को निकाल दें, तो उनका शुद्ध मुनाफा 5 लाख से ज्यादा रूपए का हुआ.  फिर क्या ता महादेव के धनिए की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई. 

फिलहाल, इस कमाई के बाद महादेव ये पैसा अपने बच्‍चों की पढाई पर खर्च करना चाहते है. साथ ही, कुछ रुपए बचाकर रखना चाहते है, जिससे वे इलाके में पड़ने वाले अकाल के दौरान इस्तेमाल कर सके. उल्‍लेखनीय है कि उस्मानाबाद महाराष्ट्र का वह इलाका है, जहां पर पानी की काफी कमी है. इन्हीं सब कारणों की वजह से यहां के किसान ज्यादातर मूंग, सोयाबिन, उड़द, कपास जैसे खेती करते है, जो ज्यादा समय मे बनकर तैयार होती है.

इस इलाके में कई बार ऐसा हुआ है, जब फसल अच्‍छी ना होने का कारण किसानों ने खुदकुशी की हैं. फिलहाल महादेव की धनिए की खेती इलाके को लोगों के लिए एक नजीर बन गई है. 

(इनपुट: मुस्तान मिर्जी)