चौंकिएगा नहीं! पर खबर एकदम सच है, अब मटन, मछली और सब्जी के छिलकों से चलेगी आपकी गाड़ी

मटन-मछली केवल आपके खाने के काम नहीं आएंगी बल्कि आपकी गाड़ी भी चला सकते हैं. ये मजाक नहीं सच है. 

चौंकिएगा नहीं! पर खबर एकदम सच है, अब मटन, मछली और सब्जी के छिलकों से चलेगी आपकी गाड़ी
.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मटन मछली केवल आपके खाने के काम नहीं आएंगी बल्कि आपकी गाड़ी भी चला सकते हैं. ये मजाक नहीं सच है. केंद्रीय रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाइवे, MSME मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक का कहना है कि अगले 2 महीने में ये संभव है जाएगा. फिलहाल नागपुर के पास महाराष्ट्र में इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. गडकरी के मुताबिक मटन मछली फल सब्ज़ियों का वेस्ट, स्लज को बायोडाइजेस्टर के ज़रिए प्रोसेस किया जा सकता है. इस प्रोसेस के दौरान मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड को अलग करके बायो CNG बनाई जा सकती है.

इस तरह बनी बायो CNG से फिलहाल 200 बस चलाने की योजना बनाई है. पराली की समस्या दूर करने के लिए भी गडकरी ने पराली से बायो CNG  बनाने की योजना बताई." फिलहाल महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी ने लुधियाना में एक प्रोजेक्ट लगाया है यहां पराली से बायो CNG बनाने का काम शुरु हो चुका है ‌." गडकरी के मुताबिक "5 टन पराली से 1 टन बायो CNG  बनाई जा सकती है.

सरकार चाहती है कि इस तरह के बहुत सारे प्रोजेक्ट लगाए जाएं. इससे किसानों को भी फायदा होगा‌. हमारा MSME  मंत्रालय इस तरह के प्रोजेक्ट को फाइनेंस करने को तैयार है." सरकार लिक्टविफाइड नेचुरल गैस इंपोर्ट(LNG) करती है. लगभग 91 मिलियन मिट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन  इंपोर्ट करती है.

इस LNG को गैसीफाई किया जाता है तब ये गाड़ियों के लिये CNG और घरों के लिए PNG बनाई जाती है. सरकार का मानना है कि बायो फ्यूल के ज़रिए देश को फायदा होगा वहीं पराली जलाने जैसी घटनाओं में बहुत आएगी साथ ही किसानों को भी फायदा होगा.  वहीं मछली बाजार मटन बाजार,सब्ज़ी बाज़ार से निकलने वाले कचरे का पहाड़ नहीं खड़ा होगा बल्कि इससे गैस बनेगी जिसे इस्तेमाल किए जाएगा.