दुनिया भर के नेताओं और निवेशकों की जासूसी का खुलासा, भारतीय साइबर फर्म पर लगे आरोप

नई दिल्ली स्थित बेलट्रोक्स इन्फोटेक सर्विसेज ने यूरोप में सरकारी अधिकारियों, बहामास में जुआ टाइकून और निजी इक्विटी दिग्गज केकेआर और लघु विक्रेता मडी वाटर्स सहित अमेरिका के नामी-गिरामी निवेशकों को अपना निशाना बनाया. 

दुनिया भर के नेताओं और निवेशकों की जासूसी का खुलासा, भारतीय साइबर फर्म पर लगे आरोप
साइबर सिक्योरिटी फर्म बेलट्रोक्स इन्फोटेक सर्विसेज के मालिक और निदेशक, सुमित गुप्ता, नई दिल्ली में अपने ऑफिस के बाहर.

लंदन: भारत की एक छोटी सी आईटी फर्म ने सात साल के अंदर 10,000 से ज्यादा ईमेल खातों की जासूसी करने के लिए क्लाइंट्स को अपनी हैकिंग सेवाएं दीं. कंपनी के तीन पूर्व कर्मचारियों, बाहर के शोधकर्ता और ऑनलाइन सुबूतों से पता चलता है कि नई दिल्ली स्थित बेलट्रोक्स इन्फोटेक सर्विसेज (BellTroX InfoTech Services) ने यूरोप में सरकारी अधिकारियों, बहामास में गैंबलिंग टाइकून, निजी इक्विटी दिग्गज केकेआर और लघु विक्रेता मडी वाटर्स सहित अमेरिका के नामी-गिरामी निवेशकों को अपना निशाना बनाया. 

इस मामले से जुड़े पांच लोगों ने समाचार एजेंसी रायटर को बताया कि अमेरिकी लोगों की हैकिंग की संभावना के पहलुओं की अमेरिकी कानून प्रवर्तन द्वारा जांच की जा रही है. अमेरिकी न्याय विभाग ने फिलहाल इस पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है. रायटर बेलट्रॉक्स के ग्राहकों को नहीं पहचानता. टेलीफोन पर लिए इंटरव्यू में कंपनी के मालिक सुमित गुप्ता ने अपने क्लाइंट के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया, साथ ही ये भी कहा कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है.

मडी वाटर्स के संस्थापक कार्सन ब्लॉक ने कहा कि वह 'निराश थे, लेकिन उन्हें ये जानकर हैरानी नहीं हुई कि उन्हें बेलट्रॉक्स के एक ग्राहक ने हैकिंग का निशाना बनाया है.'  

हैकर्स द्वारा उपयोग किए जाने वाले संसाधनों की मैपिंग में पिछले दो साल से जुटे इंटरनेट वॉचडॉग ग्रुप सिटीजन लैब के शोधकर्ताओं ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि उन्हें यकीन था कि बेलट्रॉक्स कर्मचारी जासूसी कर रहे थे.

सिटीजन लैब के शोधकर्ता जॉन स्कॉट-रेलटन ने कहा कि- 'यह सामने आए अब तक के सबसे बड़े spy-for-hire अभियान में से एक है.'

रायटर ने डेटा की समीक्षा में पाया कि उसमें ऐसे हजारों मैसेज थे जिससे पीड़ित भ्रमित होकर अपना पासवर्ड बता देते हैं. ये मैसेज BellTroX ने उन्हें 2013 और 2020 के के बीच भेजे थे. डेटा प्रभावी रूप से दिखा रहा है कि, किसे और कब निशाना बनाया गया था. 

इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका के न्यायाधीश, मेक्सिको के राजनेता, फ्रांस के वकील और अमेरिका का एक पर्यावरण समूह है. बेलट्रॉक्स द्वारा निशाना बनाए गए हजारों लोगों में से इन मुट्ठी भर लोगों ने उन मैसेज का जवाब नहीं दिया था. रायटर ये नहीं बता सका कि हैकिंग के कितने प्रयास सफल हुए थे.

बेलट्रॉक्स के सुमित गुप्ता पर 2015 में भी हैकिंग का आरोप लगाया गया था जिसमें अमेरिकी के दो निजी जांचकर्ताओं ने उन्हें मार्केटिंग अधिकारियों के खातों को हैक करने के लिए पैसे दिए थे. 2017 में गुप्ता को भगोड़ा घोषित किया गया था, हालांकि अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. 

नई दिल्ली में अपने घर से फोन पर बात करते हुए सुमित गुप्ता ने हैकिंग की बात से इनकार किया और कहा है कि उन्हें कभी किसी कानून प्रवर्तन ने संपर्क नहीं किया. उन्होंने कहा कि- "मैंने कुछ भी एक्सेस करने में उनकी मदद नहीं की, उन्होंने मुझे एकाउंट की जानकारी दी और मैंने सिर्फ मेल डाउनलोड करने में मदद की'. मुझे नहीं पता कि उन्हें ये जानकारियां कैसे मिलीं, लेकिन मैं सिर्फ तकनीकी रूप से उनकी मदद कर रहा था.'

हालांकि रॉयटर्स ये नहीं बता सका कि निजी जांचकर्ताओं को ईमेल डाउनलोड करने के लिए सुमित गुप्ता की जरूरत क्यों पड़ी. गुप्ता ने इसके बाद किसी भी मैसेज का जवाब नहीं दिया और जब रॉयटर्स का एक रिपोर्टर सोमवार को उनके ऑफिस में मिलने पहुंचा तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता और भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है.

कुंडली और अश्लील साहित्य से हैकिंग 
पश्चिम-दिल्ली रिटेल कॉम्प्लेक्स में चाय के एक बंद स्टाल के ऊपर एक छोटे से कमरे में बेलट्रॉक्स का ऑफिस चलता है. रायटर्स द्वारा समीक्षा किए गए आंकड़ों के अनुसार, बेलट्रॉक्स ने अपने टार्गेट को भेजे गए हज़ारों दुर्भावनापूर्ण ईमेल मिले हैं. कुछ संदेश सहकर्मियों या रिश्तेदारों के संदेशों की तरह थे, दूसरे फेसबुक लॉग इन रिक्वेस्ट या पोर्नोग्राफी वेबसाइटों से सदस्यता समाप्त करने के लिए ग्राफिक नोटिफिकेशन के रूप में पोस्ट किए गए थे. 

2017 और 2019 के बीच बेलट्रोक्स द्वारा निशाना बनाई गईं 17 निवेश कंपनियों में न्यूयॉर्क स्थित एक छोटी सी फर्म फहमी कदीर भी थी. उन्होंने कहा कि अपना फंड लॉन्च करने के बाद ही, 2018 के शुरुआत में उन्होंने संदिग्ध ईमेल में एक उछाल देखा. उन्होंने कहा- 'वो ईमेल अजीब तो नहीं थे, वो सिर्फ कुंडली थे, लेकिन वो फिर अश्लील साहित्य तक पहुंच गए थे.'

हैकर्स ने खेल जारी रखा, उन्हें विश्वसनीय-साउंड मैसेज भेजे जाने लगे, जो लगता है किउनकी सहकर्मियों, सेलर या फिर उनके परिवार के लोगों की तरफ से आ रहे थे. कदीर ने कहा कि 'वे मेरी बहन तक की नकल करने की कोशिश कर रहे थे.' लेकिन कदीर को लगता है कि वो असफल प्रयास थे. 

अमेरिकी वकालत समूहों को भी बार-बार निशाना बनाया गया. इनमें डिजिटल राइट्स ऑर्गनाइजेशन फ्री प्रेस और फाइट फॉर द फ्यूचर दोनों थे, इन दोनों ने ही नेट न्यूट्रैलिटी की पैरवी की है. 

इस बात का पता नहीं लगा है कि हैकिंग के लिए बेलट्रॉक्स को काम देने वाले क्लाइंट्स कौन हैं. लेकिन कंपनी के दो पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की कंपनियों को आमतौर पर प्राइवेट जांचकर्ता कांट्रैक्ट देते हैं.

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सैन डिएगो स्थित बुलडॉग इनवेस्टिगेशन्स के बार्ट सैंटोस भी अमेरिका और यूरोप में एक दर्जन निजी जासूसों में से एक थे, जिन्होंने रायटर को बताया कि उन्हें भारत के बाहर से हैकिंग सेवाओं के लिए अनचाहे विज्ञापन मिले थे. इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को पूर्व BellTroX कर्मचारी बताया था. उन्होंने डेटा और ईमेल हैक करने की पेशकश दी थी.

सैंटोस ने कहा कि उन्होंने उन विज्ञापनों को नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन वो समझ सकते हैं कि कुछ लोगों ने ऐसा क्यों नहीं किया. उन्होंने कहा कि- 'ग्राहक सेवा देने के लिए भारतीय लोगों का बड़ा नाम है.'

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