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20 साल बाद वर्सोवा बीच पर दिखे दुर्लभ कछुए, रंग लाई इन युवाओं की मेहनत

वर्सोवा बीच की साफ-सफाई में लगे स्वयंसेवकों के एक समूह ने समुद्र तट पर ओलिव रिडले कछुओं को और करीब 80 बच्चों को देखा था

20 साल बाद वर्सोवा बीच पर दिखे दुर्लभ कछुए, रंग लाई इन युवाओं की मेहनत
करीब 20 साल बाद दुर्लभ प्रजाति के ओलिव रिडले कछुए वर्सोवा बीच पर वापस लौट आए हैं (Image credits: @AfrozShah1 Twitter)

मुंबई: मुंबई के वर्सोवा बीच से एक अच्छी खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि करीब 20 साल बाद दुर्लभ प्रजाति के ओलिव रिडले कछुए तट पर वापस लौट आए हैं. माना जा रहा है कि कछुओं की इस वापसी के पीछे तट पर सफाई करने वाले नौजवानों की मेहनत है जिन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में तट को इस लायक कर दिया कि दुर्लभ प्रजाति के इन कछुओं ने वर्सोवा बीच की तरफ अपना रुख किया. इस खबर के बाद लोगों में काफी उत्साह है खासकर उन युवाओं में जो पिछले कई हफ्तों से मुंबई के समुद्र तटों की सफाई में तल्लीनता के साथ लगे हुए थे. इन छोटे-छोटे कछुओं के झुंड ने उन सभी के भीतर एक नए उत्साह भर दिया है.

बीच पर दिखे कछुओं के 80 बच्चे
बताया जा रहा है कि वर्सोवा बीच की साफ-सफाई में लगे स्वयंसेवकों के एक समूह ने समुद्र तट पर ओलिव रिडले कछुओं को और करीब 80 बच्चों को देखा था. उन्होंने वन अधिकारियों को फोन किया और यह सुनिश्चित किया कि कछुए बिना किसी बाधा के समुद्र में चले गए.

अफरोज शाह ने की थी बड़ी पहल
जानकारी के मुताबिक मुंबई के वकील और पर्यावरणविद् अफरोज शाह भी वहां मौजूद थे जब उनके समूह ने कुछओं के छोटे-छोटे बच्चों को देखा था. यहां आपको ये भी बता दें कि अफरोज ही वह शख्स हैं जिन्होंने 2015 में बीच क्लीन-अप ड्राइव की शुरुआत कर समुद्र तटों की सफाई का बीड़ा उठाया था. इस मौके पर शाह ने कहा, "हमने अधिकारियों से कहा कि पिछली बार बीच पर ओलिव रिडले कछुए 20 साल पहले दिखाई दिए थे." शाह ने इस खबर को मुंबई के लिए ऐतिहासिक और शानदार क्षण बताया है.

वन संरक्षक ने भी मानी कछुओं के घोसले की बात
अतिरिक्त प्रमुख मुख्य वन संरक्षक एन वासुदेवन ने कहा, "हमने पिछले कई सालों में वर्सोवा बीच पर कछुओं के किसी भी घोंसले को नहीं देखा है. वे आमतौर पर उन जगहों पर अंडे रखते हैं जहां वे सुरक्षित महसूस करते हैं." वन अधिकारी ने कहा कि यह संभावना है कि वयस्क महिला कछुए उस स्थान पर अपने घोंसले में वापस आएं जहां वे पैदा हुए थे. वासुदेवन ने आगे यह भी कहा, "महाराष्ट्र में, हम रत्नागिरि, रायगढ़ और पालघर तट पर ओलिव रिडले कछुए के छिटपुट घोंसले देख रहे हैं."

गर्म पानी में रहते हैं ओलिव रिडले कछुए 
आपको याद दिला दें कि इससे पहले पिछले साल जुलाई में मुंबई के जुहू बीच से एक वयस्क ओलिव रिडले कछुए को बचाया गया था. जानकारी के मुताबिक ओलिव रिडले समुद्री कछुए (वैज्ञानिक नाम: लेपिडोशेलीस ओलिवेसा), जिसे प्रशांत रिडले समुद्री कछुए के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य रूप से प्रशांत और हिन्द महासागरों में गर्म और उष्णकटिबंधीय जल में पाए जाने वाले समुद्री कछुए की एक मध्यम आकार की प्रजाति है. वे अटलांटिक महासागर के गर्म पानी में भी पाए जाते हैं.