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India Oman: इतिहास में कुछ ज्यादा पीछे नहीं सिर्फ 1971 तक पहुंचे तो दोस्ती की एक गहरी मिसाल देखने को मिलती है. जब धौंस जमाते हुए महाशक्तियां, टूटती सरहदें और एक ऐसा वक्त जब दुनिया की राजनीति ने भारत को अकेला देखने की ठान ली थी. यहां तक कि सुपर पॉवर कहे जाने वाले अमेरिका ने भी भारत के खिलाफ समुद्र में अफना सातवां बेड़ा उतार दिया था. इस्लामिक दुनिया मजहबी एकजुटता के नाम पर पाकिस्तान के सुर-सुर में मिला रही थी और कूटनीति का हर दरवाजा भारत के चेहरे पर धड़ाम से बंद हो रहा था.
ऐसे वक्त में उस एक छोटा सा चिराग बिना डगमगाए जल रहा था औस दीये का नाम था ओमान. यह वही देश है जब 1971 में भारत पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ रहा था तो इसने न भीड़ देखी, न माहौल, न राजनीति की तंग गलियां और न ही मजहबी दबाव के आगे झुका. तब से लेकर आज तक यह दोस्ती हर गुजरते पल के साथ और मजबूत होती जा रही है. अब इतिहास आधी सदी का चक्कर काटकर वहीं लौट रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस गहरे मित्र से मिलने जा रहे हैं.
पीएम का 17–18 दिसंबर का ओमान दौरा किसी औपचारिक यात्रा से कहीं ज्यादा है. इस दौरे के दौरान कई अहम समझौते होने हैं, जिसमें भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर दस्तखत होना भी संभव है. पीएम मोदी का यह दौरा दोनों देशों के 70 साल पुराने राजनयिक संबंधों की सालगिरह के चलते और खास हो जाता है
ओमान का शाही परिवार भारत को दूसरा घर मानता है और दोनों देशों के रिश्तों की जड़ें बेहद गहरी हैं.
पीएम मोदी और सुल्तान हैथम के बीच शानदार तालमेल बताया जाता है, जो रिश्तों को और मजबूत बनाता है.
पिछले साल सुल्तान का भारत दौरा उनकी पहली राजकीय यात्रा थी, जो उच्च विश्वास और प्राथमिकता दर्शाता है.
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के पिता ने पुणे में पढ़ाई की थी, जिससे संबंधों की जड़ें और गहरी होती हैं.
पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों की दोस्ती को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है.
ओमान में करीब 8 लाख भारतीय रहते हैं और पीएम मोदी की मौजूदगी वहां के समुदाय के लिए बड़ा संदेश होगी.
इस दौरे में भारत–ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट FTA पर दस्तखत लगभग तय माने जा रहे हैं.
FTA लागू होने के बाद भारतीय टेक्सटाइल, जेम्स, ज्वेलरी और मशीनरी जैसे उत्पाद बिना टैक्स के ओमान में बिक सकेंगे.
इससे भारत की एक्सपोर्ट ताकत बढ़ेगी और दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आएगी.
इस समझौते से चीन के प्रभाव को सीधा झटका लगेगा क्योंकि यह क्षेत्र में उसकी पकड़ को कमजोर करेगा.
ओमान की लोकेशन अत्यंत रणनीतिक है, यह अरब सागर और फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित है.
भारत पहले से ओमान के Duqm पोर्ट पर मौजूदगी दर्ज करा चुका है, जो समुद्री रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है.
FTA के बाद भारत इस क्षेत्र में चीन के प्रभाव को घटाकर अपनी रणनीतिक पकड़ और मजबूत करेगा.
पीएम मोदी की यह यात्रा सिर्फ ओमान तक सीमित नहीं है. वे जॉर्डन और इथियोपिया भी जा रहे हैं. यह तीनों देश मुस्लिम आबादी के लिहाज से भारत के लिए बहुत मायने रखते हैं.
जॉर्डन की बात करें तो 1971 में यह देश पाकिस्तान के साथ खड़ा हुआ था. हालांकि आज हालात बिल्कुल अलग हैं. 97 फीसद मुस्लिम अबादी वाला यह देश भारत के साथ है. जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह को लेकर कहा जाता है कि वो पैगम्बर मोहम्मद साहब के वंशजों में से हैं और पीएम मोदी के साथ उनके रिश्ते काफी गहरे हैं. ऐसे में पीएम मोदी का जॉर्डन जाना बाकी मुस्लिम दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश है.
इथियोपिया की बात करें तो यहां पर मुस्लिमों की आबादी लगभग 34 फीसद है और पीएम मोदी का यह दौरा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला आधिकारिक दौरा है.