सदन से बाहर कर रहे थे 'प्रदूषण-प्रदूषण', जब बहस की बारी आई तो गिने-चुने सांसद पहुंचे

लोकसभा में आज 'प्रदूषण' पर चर्चा निर्धारित थी. चर्चा का समय 4 बजे शाम का था और उसके बाद पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को रिप्लाई देना था. चुकी मंत्री जी को दिल्ली से बाहर किसी कार्यक्रम में जाना था. इसलिए एक बिल जो आज लिस्टेड था 'चिटफण्ड बिल' उसको कल तक के लिए टाल दिया गया और चर्चा का समय 3 बजे रखा गया. 

सदन से बाहर कर रहे थे 'प्रदूषण-प्रदूषण', जब बहस की बारी आई तो गिने-चुने सांसद पहुंचे
प्रदूषण पर चर्चा के दौरान TMC सांसद ककोली घोष मास्क लगाकर पहुंची.

नई दिल्ली: प्रदूषण को लेकर भले ही देश की जनता का बुरा हाल हो, लेकिन देश के राजनेताओं पर इसका कुछ खास असर नहीं पड़ रहा है. ये हम इसलिए कह रहे हैं कि मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन जब प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर लोकसभा में चर्चा हो रही थी तब देश के 75% सांसद सदन में मौजूद ही नहीं थे. जबकि संसद के शीतकालीन सत्र के शुरुआत पर सोमवार को कई सांसद मास्क पहनकर आए थे. मास्क पहनकर आए कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई तो चर्चा के दौरान सदन में आए ही नहीं. प्रदूषण को लेकर बड़ी-बड़ी बात करने वाले आपके जन प्रतिनिधि इस समस्या को लेकर कितने सीरियस हैं, आइये आपको आज के घटनाक्रम के जरिए समझाते हैं.

लोकसभा में आज 'प्रदूषण' पर चर्चा निर्धारित थी. चर्चा का समय 4 बजे शाम का था और उसके बाद पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को रिप्लाई देना था. चुकी मंत्री जी को दिल्ली से बाहर किसी कार्यक्रम में जाना था. इसलिए एक बिल जो आज लिस्टेड था 'चिटफण्ड बिल' उसको कल तक के लिए टाल दिया गया और चर्चा का समय 3 बजे रखा गया. 

3 बजे पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर लोकसभा में मौजूद थे, लेकिन ज़ीरो ऑवर चल रही थी, इसलिए चर्चा की शुरुआत लगभग 3.40 से हुई. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जब प्रदूषण पर लोकसभा में चर्चा शुरू हुई तो सदन में 543 में से महज 84 सांसद मौजूद थे और आखिर तक ये संख्या 125 तक नहीं पहुंच पाई.

यही नहीं जिस दिल्ली के प्रदूषण पर चर्चा थी, उस दिल्ली के 7 में से सिर्फ 3 सांसद शुरुआत में मौजूद थे. प्रवेश वर्मा, मीनाक्षी लेखी और प्रदूषण वाली बैठक पर ट्रोल हुए गौतम गंभीर. दिल्ली बीजपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी करीब 1 घंटे बाद सदन में आए. डॉ. हर्षवर्धन को उसी समय राज्यसभा में सरोगेसी बिल पेश करना था, इसलिए नहीं आ पाए. रमेश विधुड़ी और हंसराज हंस तो चर्चा के आखिर तक आए ही नहीं. 

वैसे आम आदमी पार्टी के पंजाब से एक मात्र लोकसभा सांसद भगवंत मान भी करीब दो घंटे बाद सदन में आए और चले भी गए. प्रवेश वर्मा ने तो अपने भाषण के दौरान उनका नाम भी लिया कि अगर मान होते तो वह पंजाब से पराली के बारे में उनसे जरूर पूछते. वैसे प्रदूषण के मामले में Attendence के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही निराश किया. 

हालांकि प्रदूषण पर लोकसभा में बीजेडी के सांसद पिनाकी मिश्रा ने प्रदूषण पर चल रही बहस को आगे बढ़ाया. मंगलवार को लोकसभा में करीब 15 सांसदों ने चर्चा में हिस्सा लिया, जिसमें से ज्यादातर सांसदों का मानना ये था कि प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को जिम्मेदार ठहराना ग़लत है. बीजपी सांसदों ने प्रदूषण के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

मंगलवार केा प्रदूषण पर करीब तीन घंटे बहस हुई, हालांकि चर्चा अधूरी रही. अब गुरुवार को इस मुद्दे पर चर्चा होगी और पर्यावरण मंत्री जवाब देंगे. क्योंकि पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को आज दिल्ली से बाहर जाना था और वह परसों दिल्ली वापस लौट रहे हैं. इस मुद्दे पर कुल 24 सांसदों को बोलना था, जिनमें से आज 15 सांसद बोल चुके हैं और 9 अभी भी बाकी है. यानि प्रदूषण पर पिक्चर अभी बाकी है.

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