संगठनात्मक चुनाव का इस्तेमाल पार्टी को मजबूत बनाने के लिए हो: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली पराजय के बाद पार्टी के संगठनात्मक चुनावों का इस्तेमाल पार्टी संगठन में नई ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाना चाहिए।

संगठनात्मक चुनाव का इस्तेमाल पार्टी को मजबूत बनाने के लिए हो: राहुल

नई दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली पराजय के बाद पार्टी के संगठनात्मक चुनावों का इस्तेमाल पार्टी संगठन में नई ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पराजय के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपनी पहली औपचारिक मुलाकात में राहुल गांधी ने विचार व्यक्त किए कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए संगठनात्मक चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी हो।

उन्होंने कहा कि मुल्लापल्ली रामचन्द्रन की अध्यक्षता वाली पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति को पूरा अधिकार दिया गया है ताकि चुनाव की पूरी प्रक्रिया को वास्तविक रूप से कारगर और त्रुटिरहित बनाया जाए। राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब पार्टी को चुनावों में लगातार असफलता का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस की पराजय के लिए संगठन की कमजोरियों को प्रमुख कारणों में से एक बताया जा रहा है। आने वाले समय में संगठन में व्यापक बदलाव की संभावनाओं को लेकर चर्चायें चल रही हैं।

आज की बैठक में राज्यों के प्रभारी पार्टी महासचिवों और अनेक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों के अलावा केन्द्रीय चुनाव समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। पार्टी में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और यह अगले साल नए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के साथ पूरी होगी। राहुल गांधी लंबे समय से पार्टी पदाधिकारियों के चुनाव में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी पर जोर देते रहे हैं। वे चाहते हैं कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की बात ज्यादा से ज्यादा सुनी जाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री एम रामचन्द्रन को पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति का कमान सौंपा गया है और उन्होंने कुछ दिनों पहले दावा किया था कि इस बार कांग्रेस का संगठनात्मक चुनाव ‘सौ फीसदी पारदर्शी’ होगा।