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'वरदा' तूफान की वजह से चेन्नई और तमिलनाडु में भारी बारिश; 4 लोगों की मौत, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना

तेज गति की हवाओं और भारी बारिश के साथ महानगर और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों में सोमवार को भीषण चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ ने भयंकर तबाही मचायी। इस चक्रवाती तूफान से जहां 4 लोगों की मौत हो गई वहीं भारी बारिश और तूफान से सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। कई इलाकों में पेड़ गिरने से वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। मुसीबत में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना राहत एवं बचाव कार्य चला रही है।

'वरदा' तूफान की वजह से चेन्नई और तमिलनाडु में भारी बारिश; 4 लोगों की मौत, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना

चेन्नई : तेज गति की हवाओं और भारी बारिश के साथ महानगर और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों में सोमवार को भीषण चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ ने भयंकर तबाही मचायी। इस चक्रवाती तूफान से जहां 4 लोगों की मौत हो गई वहीं भारी बारिश और तूफान से सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। कई इलाकों में पेड़ गिरने से वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। मुसीबत में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना राहत एवं बचाव कार्य चला रही है।

एनडीएमए ने बताया कि अब तक चक्रवाती तूफान से 4 लोगों के मारे जाने की खबर है। इनमें 2 मौतें चेन्नई, एक कांचीपुरम में और एक नागापट्टिनम में हुई हैं।

एनडीएमए ने कहा कि तटवर्ती इलाकों के 8008 लोगों को 95 राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।

इसके पहले भारतीय मौसम विभाग ने बताया, ‘चक्रवाती तूफान वरदा तट पर पहुंचने लगा है।’ आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक एम. महापात्र के मुताबिक चक्रवात का ‘केंद्र’ चेन्नई से 20 किलोमीटर की दूरी पर है।

महापात्र ने कहा, ‘चेन्नई के नजदीक हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है। भारी बारिश और तूफान का अनुमान है। तूफान दोपहर दो बजे तक पहुंचने वाला था। चक्रवात दो बजे से पांच बजे के बीच महानगर से गुजरेगा।’ अधिकारियों ने बताया कि इन इलाकों के कई हिस्से में एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति रोक दी गई। उत्तर चेन्नई, तिरूवल्लुर जिले के पझावेरकादु और कांचीपुरम के ममल्लापुरम के गांवों से करीब आठ हजार लोगों को 95 राहत शिविरों में सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिया गया।

हवाई अड्डे पर विमानों के परिचालन को शाम पांच बजे तक स्थगित कर दिया गया है। लंबी दूरी की बसों को रोक दिया गया है और अधिकतर इलाकों में वृक्षों के उखड़ने और सड़कों पर बिजली के खंभे गिरने के कारण यातायात बाधित है।

महानगर की सभी रेल सेवाओं को रोक दिया गया है। दक्षिण रेलवे ने चेन्नई सेंट्रल और एगमोर से चलने वाली सभी 17 रेलगाड़ियों को रद्द करने की घोषणा की है। राज्य के प्रधान सचिव (राजस्व प्रशासन) के. सत्यगोपाल ने कहा कि ‘दो लोगों की मौत’ हुई है।

उन्होंने बयान जारी कर कहा कि 260 वृक्ष और बिजली के 37 खंभे उखड़ चुके हैं और 190 पेड़ों को हटाया जा चुका है। कम से कम 224 सड़कें बाधित हैं और 24 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।

दक्षिण रेलवे ने बताया कि बेंगलुरु, हैदराबाद, मदुरै, कोयम्बटूर सहित विभिन्न स्थानों को जाने वाली रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि कलपक्कम में परमाणु उर्जा केंद्र के मद्देनजर सुरक्षा के सभी उपाय किए गए हैं।

तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के विभिन्न तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 15 से ज्यादा टीमों को तैनात किया गया है। वहीं बंगाल की खाड़ी के नजदीक रहने वाले 9400 से ज्यादा लोगों को भारी बारिश के बीच राहत शिविरों में भेजा गया है।

सेना के सात कॉलम को तैयार रखा गया है। प्रत्येक कॉलम में 70 से 80 जवान होते हैं। तिरूवल्लुर में एक कॉलम को तैनात रखने का आग्रह किया गया है।

वरदा बाद में आंध्रप्रदेश की तरफ मुड़ सकता है। चेन्नई में तेज हवाओं और बारिश के बीच काफी कम संख्या में वाहन एक-दूसरे से टकराए।

(एजेंसी इनपुट के साथ)