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तमिलनाडु में राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल आज चेन्नई पहुंचेंगे

तमिलनाडु में राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अन्नाद्रमुक ने पार्टी महासचिव वीके शशिकला की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में 131 विधायकों के शरीक होने का दावा किया। वहीं, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव आज चेन्नई आएंगे जिनके पास इस राज्य का भी प्रभार है।

तमिलनाडु में राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल आज चेन्नई पहुंचेंगे

चेन्नई : तमिलनाडु में राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अन्नाद्रमुक ने पार्टी महासचिव वीके शशिकला की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में 131 विधायकों के शरीक होने का दावा किया। वहीं, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव आज चेन्नई आएंगे जिनके पास इस राज्य का भी प्रभार है।

हालांकि, एक दिन पहले ही निवर्तमान मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेलवम ने बगावत की थी और कहा कि उन्हें विधायकों के बहुमत का समर्थन प्राप्त है। वह उपयुक्त समय पर इसे सदन में साबित कर देंगे। उधर, मुंबई स्थित राजभवन के एक अधिकारी ने बताया, ‘राज्यपाल गुरुवार दोपहर चेन्नई के लिए रवाना होंगे।’ उनके तीन दिनों से चेन्नई से दूर रहने के चलते ये अटकलें लगाई जा रही थी कि कहीं उन्हें शशिकला को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने में ऐतराज तो नहीं है। लेकिन उनकी क्या योजना है इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

वह सोमवार की रात दिल्ली से लौटने के बाद से मुंबई में हैं। बुधवार शाम वह मुंबई में एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में शरीक हुए। इससे पहले, अन्नाद्रमुक प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने चेन्नई में आज दावा किया कि पार्टी महासचिव वीके शशिकला की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में पार्टी के 134 में 131 विधायक शरीक हुए।

अन्नाद्रमुक प्रवक्ता ने दावा किया है कि आधी रात हुई बगावत के बाद शशिकला ने शक्ति प्रदर्शन के लिए आज सुबह पार्टी मुख्यालय में पार्टी विधायकों के साथ एक बैठक बुलाई थी। इस बीच, ये अपुष्ट खबरें भी हैं कि यदि राज्यपाल ने शशिकला को शपथ दिलाने में देर की तो वह राष्ट्रपति के सामने इन विधायकों की परेड भी करा सकती हैं।

वहीं, पनीरसेलवम ने कहा है कि जयललिता के स्वास्थ्य की स्थिति और उनकी मृत्यु से जुड़े संदेहों की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश के तहत एक जांच आयोग गठित किया जाए। पनीरसेलवम ने शशिकला का समर्थन कर रहे मंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘जो मंत्री और विधायक फिलहाल उस ओर हैं, जल्द ही सच्चाई को महसूस करेंगे और मौजूदा असाधारण हालात बदलेंगे।’ 

विधायकों को संबोधित करते हुए शशिकला ने पनीरसेलवम पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी से विश्वासघात किया है और पूरी तरह से द्रमुक से मिले हुए हैं जिससे जयललिता जीवन भर लड़ी। उन्होंने बीती रात पनीरसेलवम को पार्टी कोषाध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया था। शशिकला ने पार्टी को अस्थिर करने की कोशिश करने का द्रमुक पर आरोप लगाते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक में विश्वासघात की कभी जीत नहीं होगी और कोई भी व्यक्ति पार्टी को बांटने में सफल नहीं होगा।

पूर्व स्पीकर पीएच पांडियन और राज्य सभा के वरिष्ठ सदस्य डॉ. वी. मैत्रेयान मुख्यमंत्री के आवास पर देखे गए। पांडियन ने शशिकला की आलोचना की थी। उधर, पनीरसेलवम ने शशिकला के इस आरोप को भी खारिज कर दिया है कि वह द्रमुक और अन्य से सांठगांठ कर रहे हैं तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा उनका समर्थन कर रही है।

उधर, द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि उनकी पार्टी का अन्नाद्रमुक में चल रही उथल पुथल से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शशिकला ‘शार्ट कट’ के जरिए मुख्यमंत्री बनने में नाकाम रहने के बाद झूठे आरोप लगा रही है।

शशिकला ने कहा, ‘पिछले कई बरसों से मैं अम्मा के लिए जीयी हूं और बाकी जीवन भी उनके सपनों को साकार करने में लगाऊंगी। 33 साल से न जाने कितनी चीजें हुई, कितने झटके लगे। मैंने अम्मा के साथ कई विश्वासघात को सहा। हम उससे जीते, हम इससे भी जीतेंगे।’ गौरतलब है कि पनीरसेलवम ने कल दावा किया था कि शशिकला का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है।

इस बीच, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा तमिलनाडु में अपनी रोटी सेंकने की कोशिश कर रही है और राज्यपाल को राज्य में नहीं जाने का निर्देश दे रही है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि यह भाजपा की ओर से बहुत गलत, असंवैधानिक और गैर कानूनी है। केंद्र सरकार तमिलनाडु के संकटपूर्ण हालात में रोटी सेंकने की कोशिश कर रही है।’ 

हालांकि, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि केंद्र या भाजपा का अन्नाद्रमुक के अंदरूनी मसलों में कोई भूमिका नहीं है और राज्यपाल इस मुद्दे को सुलझाने के लिए संविधान के मुताबिक कोई फैसला करेंगे।