अरूणाचल प्रदेश : तुकी को आज ही गुजरना होगा शक्ति परीक्षण से, पुल ने किया 43 विधायकों के समर्थन का दावा

अरूणाचल प्रदेश शुक्रवार को उस समय एक और राजनीतिक टकराव के दौर की तरफ बढ़ गया जब राज्यपाल ने बहाल किये गये मुख्यमंत्री नबाम तुकी का शक्ति परीक्षण स्थगित करने का अनुरोध ठुकरा दिया। तुकी को विधानसभा में शनिवार को अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया गया है। संख्या बल तुकी के पक्ष में कतई नजर नहीं आ रहा है क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 11 और दो निर्दलीय विधायकों सहित 43 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

अरूणाचल प्रदेश : तुकी को आज ही गुजरना होगा शक्ति परीक्षण से, पुल ने किया 43 विधायकों के समर्थन का दावा

इटानगर : अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में बहाल हुए नबाम तुकी को राज्यपाल के निर्देश के अनुसार शनिवार को ही शक्ति परीक्षण से गुजरना होगा क्योंकि राज्यपाल ने बहुमत साबित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का उनका अनुरोध और कैबिनेट प्रस्ताव खारिज कर दिया।

बुधवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा बहाल किये गये मुख्यमंत्री तुकी ने शुक्रवार को राज्यपाल तथागत राय से मुलाकात की और शक्ति परीक्षण कम से कम दस दिन स्थगित करने का अनुरोध किया। तत्कालीन राज्यपाल जेपी राजखोवा की विवादित भूमिका के बाद जनवरी में गिरने वाली कांग्रेस सरकार का तुकी नेतृत्व कर रहे थे।

संख्या बल तुकी के पक्ष में कतई नजर नहीं आ रहा है क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 11 और दो निर्दलीय विधायकों सहित 43 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

पुल ‘पीपुल्स पार्टी आफ अरूणाचल’ (पीपीए) के प्रमुख हैं जिसमें कांग्रेस के बागी भी शामिल हैं। तुकी ने कांग्रेस के बागी विधायकों से पार्टी में वापस लौटने की अपील की है।

जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं और राज्यपाल ने उससे विधानसभा, महत्वपूर्ण मार्ग, निजी आवासों और सभी पक्षों की अन्य संपत्तियों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

सोलह जुलाई तक शक्ति परीक्षण का निर्देश देने वाले राज्यपाल से मुलाकात के बाद तुकी ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने दस और दिन का समय मांगा है क्योंकि यह इतनी कम अवधि में संभव नहीं है। राजभवन द्वारा यहां जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कैबिनेट प्रस्ताव और तुकी का अनुरोध खारिज करते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार के पास विधानसभा में जरूरी बहुमत नहीं होने की आशंका का हवाला देते हुए राज्यपाल ने तुकी से शनिवार को सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा है।

राज्य कैबिनेट ने अपनी बैठक में राज्यपाल से शक्ति परीक्षण कम से कम दस दिन टालने का अनुरोध किया।

इस बीच विधानसभा अध्यक्ष नबाम रेबिया ने कहा कि उनके लिए इतने कम समय में विधानसभा का सत्र बुलाना संभव नहीं होगा।

उधर, भाजपा की राज्य इकाई ने शक्ति परीक्षण के दौरान पीपीए को पूरा समर्थन देने का प्रस्ताव स्वीकार किया।