कोलकाता : बहन के कंकाल के साथ रहने वाले भाई की डायरी से हुए 5 सनसनीखेज खुलासे

शहर की पुलिस ने आग लगने से एक व्यक्ति की मौत की जांच के दौरान घर में जहां उसके बेटे को अपनी बड़ी बहन और दो पालतू कुत्तों के कंकाल के साथ पाया। वहीं, इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह खुलासा परिवार के एक मात्र जीवित व्यक्ति के डायरी से हुआ है। डायरी के मुताबिक इस परिवार की त्रासदी में मौत और अनैतिक संबंधों की अजीबो-गरीब दास्तां शामिल है।

कोलकाता : बहन के कंकाल के साथ रहने वाले भाई की डायरी से हुए 5 सनसनीखेज खुलासे

कोलकाता : शहर की पुलिस ने आग लगने से एक व्यक्ति की मौत की जांच के दौरान घर में जहां उसके बेटे को अपनी बड़ी बहन और दो पालतू कुत्तों के कंकाल के साथ पाया। वहीं, इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह खुलासा परिवार के एक मात्र जीवित व्यक्ति के डायरी से हुआ है। डायरी के मुताबिक इस परिवार की त्रासदी में मौत और अनैतिक संबंधों की अजीबो-गरीब दास्तां शामिल है।

पुलिस शहर के मध्य में स्थित रोबिंसन स्ट्रीट के मकान संख्या तीन की दूसरी मंजिल पर आग लगने मामले की जांच कर रही थी। बुधवार रात एक बाथरूम में घर के मालिक 77 साल के अरविंदो डे का जला शव बरामद किया गया था। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान पाया कि परिवार का एक मात्र सदस्य पार्थो (45) अपनी बड़ी बहन और दो पालतू कुत्तों के कंकाल के साथ पिछले छह महीने से रह रहा था।  

पार्थों की बहन देवजानी (50) ने अपने पालतू कुत्तों की मौत के बाद खाना बंद कर दिया था जिसके चलते उसकी मौत छह महीने पहले हो गई थी।

पार्थो को चिकित्सीय जांच के लिए भेज दिया गया था लेकिन इस बीच उसकी डायरी ने चौंकाने वाले खुलासे किए जिससे पता चला कि परिवार में कुछ ऐसा चल रहा था जिसे जानकर पर दंग रह जाएंगे।
 
1-पार्थो की डायरी के मुताबिक उसकी 'मां उसकी बहन देवजानी की सुंदरता से जलती थी।'

2-'मेरी मां ने एक होटल के बाथरूम में मेरी बहन देवजानी के कपड़े उतार दिए थे...और घटना के समय परिवार दीघा में छुट्टियां मना रहा था।'

3-पार्थो ने डायरी में आगे लिखा है कि उसकी मां संदेह करती थी कि वह नपुंसक है।

4-डायरी के मुताबिक, 'मेरी मां मुझे नपुंसक होने का शक करती थी लेकिन वह गलत थी।'  
   
5-पार्थो के मुताबिक, 'मेरी मां ने घर में एक घरेलू नौकरानी रखा जिसकी तरफ मैं शारीरिक रूप से आकर्षित हुआ।'
    
डायरी में पार्थो ने लिखा है कि परिवार समाज को लेकर काफी सजग और चौकन्ना था लेकिन उसे लगता था कि यह सही है और उसे कोई अफसोस नहीं है। पार्थो के मुताबिक, 'समाज इन सब चीजों की मंजूरी नहीं देता लेकिन हमने जो किया, हमने सोचा कि यह 100 फीसदी सही है। जो कुछ भी हुआ, वह हमारे फैसले के चलते हुआ और हमें अपने फैसले पर कोई अफसोस नहीं है।'

पुलिस को जांच में कथित रूप से पार्थो के पिता अरविंदो डे का सूसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

कोलकाता पुलिस को कंकालों के पास से ड्राई फूड्स भी मिले हैं। पार्थो का कहना है कि ये ड्राई फूड्स वह अपनी बहन और कुत्तों को खिलाया करता था।

विशेष अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) पल्लव कांति घोष के मुताबिक उन्हें लगता है कि पार्थो यकीं नहीं कर सका कि उसकी बहन की मौत हो गई है और इसलिए उसने उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।

फॉरेंसिक जांच में इस बात कि पुष्टि हुई है कि देवजानी की मौत प्राकृतिक रूप से छह महीने पहले हुई थी।

देवजानी कलकत्ता गर्ल्स स्कूल और पार्क सर्कस स्थित डॉन बॉस्को स्कूल में संगीत की शिक्षिका थी।

पुलिस के मुताबकि पार्थो ने फ्लैट के दरवाजों व खिड़कियों को मोटे कपड़ों से पैक कर रखा था, सड़े शवों की बदबू बाहर न फैल सके। बी-टेक में स्नातक पार्थो घर में म्यूजिक सिस्टम लगा रखा था और वह अंग्रेजी गांने सुना करता था।

समझा जाता है कि पार्थो जो कुछ महीने पहले 45 साल का हुआ था, उसने घर पर एक पार्टी का आयोजन किया था। इस पार्टी में उसने अपने चाचा को आमंत्रित किया था लेकिन पार्टी के दौरान उसने किसी को अपने ड्राइंग रूम से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। पार्थो ने दरअसल अपने चाचा को बताया कि देवजानी अगले कमरे में ध्यान कर रही है और उसने कमरे में आने से मना किया है।

पार्थो ने 2007 में एक शीर्ष आई-टी कंपनी की नौकरी छोड़ दी थी और इसके बाद से उसने काम करना बंद कर दिया था। वह अपने परिवार के साथ तीन कमरों के फ्लैट में रहता था। पुलिस के मुताबिक पार्थो के परिवार ने अपने रिश्तेदारों के साथ बातचीत करना भी बंद कर दिया था। एक सुरक्षाकर्मी उनके लिए दिन में तीन बार बाहर से भोजन लाया करता था।