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कश्मीर: पंचायतों को विकास के लिए सीधे पैसा मुहैया कराएगी केंद्र सरकार

श्रीनगर से केवल 23 किलोमीटर पर बसे मुलनार गांव में लगभग 150 घर हैं. यह गांव जितना खूबसूरत हैं उतने ही यहां के लोग पीड़ा में जीवन बिता रहे हैं.

कश्मीर: पंचायतों को विकास के लिए सीधे पैसा मुहैया कराएगी केंद्र सरकार
गांवों के युवा भी चाहते है कि पंचायती राज मज़बूत हो और उनके गांव के लोग पंच-सरपंच बनें. ये पंच-सरपंच उनके लिए गांव में कुछ रोज़गार का प्रबंध कर सकते हैं.

कश्मीर: गृह मंत्री अमित शाह मिशन कश्मीर और विकास के लिए नव निर्वाचित पंच, सरपंच को साथ लेकर चल रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह कश्मीर में पंचायती राज को मज़बूत कर आम कश्मीरियों का दिल और दिमाग जीतने की योजना रखते हैं. दरअसल, आज़ादी के बाद से कश्मीर के गांवों में विकास के नाम पर केवल वादे किए गए हैं. राजनेताओं और अफसरों के दरवाज़ों से बार-बार निराश होने के बाद अब उम्मीद दम तोड़ चुकी है. मगर हाल ही में चुने गए पांचों और सरपंचों को केंद्र सरकार द्वारा निर्माण कार्य के लिए सीधा पैसा देने की संभावित योजना के बारे में सुनकर इन गांवों वालों की निराशा आशा में बदलती दिख रही हैं. 

श्रीनगर से केवल 23 किलोमीटर पर बसे मुलनार गांव में लगभग 150 घर हैं. यह गांव जितना खूबसूरत हैं उतने ही यहां के लोग पीड़ा में जीवन बिता रहे हैं. यहां रास्तों पर गाड़ी का चलना मुश्किल ही नहीं लगभग नामुमकिन हैं. यही हाल इस गांव में बिजली-पानी का भी है. लोगों का कहना हैं कि पिछले सात दशकों से उन्हें विकास के नाम पर केवल झूठे वादे ही मिले हैं. बता दें कि करीब तीन साल पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत एक सड़क बनी थी मगर आज तक वो गाड़ियों के चलने के काबिल नहीं हुई है. 

गांवों के युवा भी चाहते है कि पंचायती राज मज़बूत हो और उनके गांव के लोग पंच-सरपंच बनें. ये पंच-सरपंच उनके लिए गांव में कुछ रोज़गार का प्रबंध कर सकते हैं जिससे पढ़े-लिखे युवा अपने जीवन को संवार सकेंगे. गांव के युवा सरपंच जो आतंकियों की धमकियों और अलगाववादियों के बहिष्कार के बावजूद सरपंच का चुनाव लड़े और विजयी हुए को पूरी उम्मीद है कि गांवों के अच्छे दिन आनेवाले हैं. वह गांवों की तरक्की का सारा प्लान गांव वालों के सहयोग से तैयार किया है और अब इंतज़ार है पैसा मिलने का. पंच-सरपंच समझते हैं कि ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले हैं और अगर उनको पैसा मिलता हैं तो गांवों का विकास मुमकिन हैं और जो वादे लोगों के साथ किये गए हैं वो पूरे होंगे. 

ज़ुबैर अहमद "मुलनार गावों के सरपंच" कहते हैं कि जो पंच-सरपंच हैं वो ग्राउंड लेवल पर काम करते हैं. जो एमएलए और सीएम काम करते हैं, उनका ग्राउंड पर कोई असर नहीं हैं. जो हमारा काम है वो सीधा ग्राउंड लेवल पर है. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने जो कहा है उससे उम्मीद जगी है. हमारे इलाके में विकास होगा और जो वादे लोगों से किये है वो पूरे होंगे. हम सड़कों, बिजली, पानी के कामों को मज़बूती से करेंगे. 

क्या है योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में जम्मू और कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा पर जोर दिया गया था, लेकिन मोदी 2.0 सरकार की टॉप योजना है जम्मू कश्मीर में विकास और सुरक्षा. इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह की योजना है कि राज्य में पंचायती राज मज़बूत करना और जम्मू-कश्मीर के पंच और सरपंचों द्वारा आम कश्मीरियों के दिलों को जीत लिया जाए.

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी की दूसरे कार्यकाल में सरकार की महत्वपूर्ण योजना विकास है. सूत्रों के मुताबिक मोदी 2.0 सरकार इस योजना को सफल नव निर्वाचित पंच और सरपंच के माध्यम से करेगी. पंचायती राज को सक्षम बनाने पर अमित शाह गंभीरता तब दिखी थी जब वे कश्मीर की अपनी पहली यात्रा के दौरान श्रीनगर में चुने गए ग्राम प्रधानों से मिले थे. उन्होंने निर्वाचित पंच सरपंचों से मुलाकात की, जो सरकार के मिशन को आगे बढ़ा सकते थे.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि पिछले अक्टूबर में हुए राज्य में पंचायत चुनावों के तुरंत बाद निर्वाचित ग्राम प्रधानों को 700 करोड़ रुपये दिए गए थे. केंद्र अब पंचों और सरपंचों को दी जाने वाली 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दो किस्तें प्रदान करके विकास कार्य शुरू करने का इरादा रखती है. 3,700 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ केंद्र का प्लान हैं लोगों के दरवाज़ों तक विकास को ले जाना और गुड गवर्नेंस प्रदान करना है. राज्य में एक वर्ष से अधिक समय तक राज्यपाल शासन के बावजूद ज़मीनी सत्ता पर लोकतंत्र को मजबूत करने का उपाय हो रहे है.

सूत्रों ने बताया कि 'बैक टू विलेज' प्रोग्राम के तहत ग्रेड ए के अधिकारियों को गांवों का दौरा करना होगा और वहां एक रात बितानी होगी. "पहले चरण में, यह अधिकारी पंच और सरपंचों के साथ काम करेंगे और योजना बनायेगे कि केंद्र द्वारा दिए गए धन का उपयोग कैसे किया जाए. सरकार में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बार केंद्र सरकार खास कर गृह मंत्री का प्रयास है कि पैसा सही लोगों तक पहुंचना चाहिए. अभी तक केंद्र द्वारा राज्य सरकार को दिया जाने वाला पैसा लोगों तक पूरा नहीं पहुंच रहा था. यही कारण है कि विकास के साथ-साथ राज्य में भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने का कार्य भी ज़ोरों पर चल रहा है.