'वंदे भारत मिशन' पर नागरिक उड्डयन मंत्री का बयान, बताया कितने भारतीयों को लाने का है पूरा प्लान

'नागरिक उड्डयन संपत्ति का उपयोग कर किसी भी सरकार द्वारा दशकों में के किया गया यह सबसे बड़ा निकासी कार्यक्रम है.

'वंदे भारत मिशन' पर नागरिक उड्डयन मंत्री का बयान, बताया कितने भारतीयों को लाने का है पूरा प्लान
7 मई से 13 मई के बीच 64 उड़ानें भेजी जाएंगी

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (coronavirus) के चलते लॉकडाउन के बीच विदेशों में फंसे 14,800 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए, वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया को 7 मई से 13 मई तक 64 उड़ानें संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई है. भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस ऑपरेशन को अब तक का सबसे बड़ा निकासी कार्यक्रम बताया, जिसे किसी भी सरकार ने दशकों में द्वारा नागरिक उड्डयन संपत्ति का उपयोग कर संचालित किया है. 

हरदीप सिंह पुरी ने ज़ी न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा, 'मंत्रालय ने अभी तक केवल एक सप्ताह के लिए कार्यक्रम बनाया है, इसके बारे में और जानकारी जल्दी ही दी जाएगी.'

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उन्होंने कहा, 'नागरिक उड्डयन संपत्ति का उपयोग कर किसी भी सरकार द्वारा दशकों में के किया गया यह सबसे बड़ा निकासी कार्यक्रम है. हमने पहले यह अनुमान लगाया था कि घर वापस आने के इच्छुक लोगों की संख्या 190,000 होगी. लेकिन जैसे ही हमने ये कार्यक्रम शुरू किया, हमें एहसास हुआ कि यह संख्या कम है.' 

उन्होंने कहा, 'हमने अभी तक पहले सप्ताह के लिए कार्यक्रम बनाया है, जो 7 मई से 14 मई तक चलेगा. इस चरण में, हमने 64 उड़ानों के जरिए 12 देशों में फंसे करीब 14,800 भारतीयों को घर लाने की योजना बनाई है. लेकिन जैसे हम आगे बढ़ेंगे ये संख्या भी बढ़ सकती है.'

यूएई, यूके, यूएस, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत और ओमान जैसे 12 देशों से भारतीयों को वापस लाने के लिए एयर इंडिया और इसकी सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा ये 64 उड़ानें संचालित की जाएंगी. 

7 मई से 13 मई के बीच भारतीयों को वापस लाने के लिए यूएई के लिए 10 उड़ानें, यूएस और यूके के लिए 7-7 उड़ानें, सऊदी अरब और सिंगापुर के लिए 5-5 उड़ानें और कतर के लिए दो उड़ानें भेजी जाएंगी.

इस दौरान, भारत मलेशिया और बांग्लादेश 7-7 उड़ानें, कुवैत और फिलीपींस के लिए 5-5 उड़ानें, ओमान और बहरीन के लिए दो-दो उड़ानों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है. विदेश से आने पर, सभी यात्रियों को एहतियातन 14 दिनों के लिए क्वारेंटीन रखा जाएगा. 

पुरी ने कहा, 'चुनौती यह नहीं है कि उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है, चुनौती तो ये है कि ये काम सही तरीके से हो जाए. विमान में चढ़ते और उतरते समय यात्रियों का परीक्षण किया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात विमान से उतरने के बाद सभी यात्रियों को 14 दिनों के लिए क्वारेंटीन करने की व्यवस्था भी की गई है.'

उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की पूरी तैयारी कर ली गई है. आर्थिक मंदी के बारे में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नागरिक उड्डयन उद्योग से जुड़ा मुद्दा नहीं है.

उन्होंने कहा कि 'एयरलाइंस का संचालन नहीं हो रहा है. हवाई अड्डे भी नहीं चल रहे हैं; इसलिए कोई राजस्व भी नहीं है. टूर ऑपरेटर और होटलों को भी अपना कमीशन नहीं मिल रहा है. इसलिए संक्षेप में, यह अकेले नागरिक उड्डयन उद्योग का मुद्दा नहीं है. यह एक बड़ा मामला है. सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम हर उद्योग को लाभ पहुंचाने के लिए आर्थिक गतिविधियों को जल्द से जल्द शुरू करने की कोशिश करें.'

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प्रोत्साहन पैकेज के बारे में पुरी ने कहा, 'वित्त मंत्री और उनकी टीम को हर उद्योग की मांगों और आवश्यकताओं का आकलन करना होगा, और उसी तरह प्रधानमंत्री के साथ परामर्श करना होगा.'

25 मार्च से देश भर में लॉकडाउन के चलते सभी निर्धारित उड़ानें रद्द किए जाने से विमानन क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है. पुरी ने यह भी आश्वासन दिया कि जैसे ही कोरोना वायरस दौर के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी, विनिवेश की प्रक्रिया जल्द ही 'पूरी ताकत' के साथ शुरू की जाएगी.