हिमाचल प्रदेश: लाहौल एवं स्पीति में फंसे 650 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़-मंडी मार्ग सहित प्रदेश की बंद पड़ी 614 सड़कों में से अधिकतर को फिर से खोल दिया गया. 

हिमाचल प्रदेश: लाहौल एवं स्पीति में फंसे 650 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हाल में हुई बर्फबारी और बारिश से क्षेत्र की अधिकतर सड़कें बंद हो गईं. (फोटो साभार @adgpi)

शिमला: हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के विभिन्न हिस्सों में फंसे करीब 672 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. हाल में हुई बर्फबारी और बारिश से क्षेत्र की अधिकतर सड़कें बंद हो गईं. अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा सड़क मार्ग के जरिये चलाए गए अभियान में 641 फंसे हुए लोगों को बाहर निकाले जाने की खबर है. इन लोगों को लाहौल में शिशु सुरंग के रास्ते मनाली में सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने भी फंसे हुए 31 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला.

अधिकारियों के अनुसार वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने बारालाछा ला और स्फीति तहसील के दूसरे इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कई बार उड़ानें भरीं. बचाए गए लोगों को कुल्लू जिले के धालपुर ग्राउंड में एक अस्थायी हेलीपैड पर उतारा गया.

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़-मंडी मार्ग सहित प्रदेश की बंद पड़ी 614 सड़कों में से अधिकतर को फिर से खोल दिया गया. उन्होंने बताया कि लाहौल एवं स्पीति जिले से 672 लोगों को सुरक्षित बचाया गया. हालांकि करीब 40 लोग अब भी वहां फंसे हुए हैं. 

केलांग के उप मंडल मजिस्ट्रेट अमर नेगी ने बताया कि मंगलवार की शाम को पांच लोगों को हवाई मार्ग से स्टिंगरी ले जाया गया. उन्होंने कहा कि वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों ने बुधवार शाम तक अभियान जारी रखा. वायुसेना का अभियान कोकसर और बारालाछा ला सहित अधिकतर दुर्गम इलाकों में केंद्रित था.

नेगी ने कहा कि मौसम की स्थिति अब अनुकूल है और सीमा सड़क संगठन के कर्मी सड़कों से मलबा हटा रहे है. गुरुवार की सुबह तक ज्यादातर सड़कें खोली जा सकती हैं. हवाई मार्ग से बाहर निकाले गए विदेशियों में आठ नेपाल, चार डेनमार्क, दो नॉर्वे और एक भूटान के हैं. 

बुधवार शाम को लाहौल के सरचू से पांच महिलाओं एवं तीन बच्चों को हवाई मार्ग से बाहर ले जाया गया. उनमें असम की दो महिलाएं हैं जबकि बाकी छह नेपाल के रहने वाले हैं.

इसी बीच गत शुक्रवार से लापता दिल्ली और शिमला के रहने वाले छह ट्रेकर को बुधवार को राज्य के किन्नौर जिले में सुरक्षित जगह पर ले जाया गया. सांगला के थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने कहा कि स्थानीय पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने जिले के सांगला जोत में उनका पता लगाया. जिले के एक अधिकारी ने बताया कि वे अब भी सांगला जोत में हैं और उन्हें गुरूवार को सांगला लाया जाएगा. इसके बाद उन्हें शिमला भेज दिया जाएगा.

इनमें तीन ट्रेकर - आशुतोष (गाइड), पुनीत और निखिल शिमला जिले के जुब्बाल इलाके के रहने वाले हैं जबकि बाकी अन्य - आशुतोष, हनी और दीपराज दिल्ली के रहने वाले हैं.

इन लोगों की उम्र 27 साल से कम है और उन्होंने 21 सितंबर को शिमला के दोदरा क्वार तहसील के जाखा इलाके से ट्रेकिंग शुरू की थी और वे किन्नौर के सांगला तक जाने वाले थे.

(इनपुट - भाषा)