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'पद्मावती' विवाद: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो बोले - दीपिका की गर्दन काटने पर इनाम रखना गलत

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने पद्मावती विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में रचनात्मक स्वतंत्रता है, पद्मावती को लेकर जो विवाद हो रहा है, वह नहीं होना चाहिए.

'पद्मावती' विवाद: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो बोले - दीपिका की गर्दन काटने पर इनाम रखना गलत
बाबुल सुप्रियो ने कहा कि मुझे भी पूरा विश्वास है कि इन सब विवादों के बावजूद भी इसका हल होगा....(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने पद्मावती विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में रचनात्मक स्वतंत्रता है. पद्मावती को लेकर जो विवाद हो रहा है, वह नहीं होना चाहिए. जो कुछ भी हुआ दुखद हुआ. सेंसर बोर्ड इस मामले को देख रहा है. केवल बातचीत के जरिये ही इस मुद्दे को हल किया जाना चाहिए. हमारे सहयोगी चैनल WION को दिए एक साक्षात्कार में बाबुल सुप्रियो ने कहा कि पद्मावती एक बहुत बड़ी फिल्म है. कई लोग फिल्म को देखना चाहते हैं लेकिन उनके कुछ सवाल भी हैं. कई लोग जिन्होंने फिल्म नहीं देखी है वे सवाल उठा रहे हैं. मुझे लगता है केवल बातचीत के जरिये ही इसे निपटाया जाना चाहिए. हम रानी पद्मावती की जिंदगी को लोगों के भावनाओं को आहत किए बिना भी दिखा सकते हैं.  

जब उनसे पूछा गया कि दीपिका और अन्य अभिनेताओं को धमकियां दी जा रही हैं? इस पर आपको क्या कहना है? इसके जवाब में बाबुल सुप्रियो ने कहा कि यह ठीक नहीं है. दीपिका तो केवल एक कलाकार है जो पर्दे पर चरित्र निभाती है. उसने वही किया जो उससे कहा गया. फिल्म तो निर्देशक का माध्यम है. धमकियां निंदनीय है और कोई भी इससे सहमत नहीं होगा. दीपिका सबकी चहेती अभिनेत्री है.  कानून सब पर लागू  होता है. 'ए दिल है मुश्किल' को लेकर भी विवाद हुआ था, लेकिन बाद में उसे सुलझा लिया गया था. मुझे भी पूरा विश्वास है कि इन सब विवादों के बावजूद भी इसका हल होगा. 

इधर, सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि वह संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म 'पद्मावती' के देश से बाहर रिलीज पर रोक लगाने संबंधी याचिका की सुनवाई 28 नवंबर को करेगा. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एक याचिकाकर्ता द्वारा फिल्म को विदेश में रिलीज नहीं करने देने की याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया. याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा कि 'अगर देश से बाहर फिल्म को रिलीज किया गया तो इससे समाजिक सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुंचेगा.'

उधर, फिल्मकार नीरज घेवन का कहना है कि उन्हें खुद को एक ऐसे देश का नागरिक कहने में शर्मिंदगी महसूस हो रही है जहां लोग राष्ट्रीय टेलीविजन पर कलाकारों को धमकी देने के बाद खुले आम घूमते हैं. चर्चित फिल्म 'मसान' को बनाने वाले नीरज से बुधवार को उनकी लघु फिल्म 'जूस' की स्क्रीनिंग के दौरान संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' को लेकर मचे विवाद के बीच फिल्मकार की रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर सवाल किया गया था.

उन्होंने कहा, "मैं खुद को इस देश का नागरिक कहने पर भयभीत और शर्मिदा हूं क्योंकि एक व्यक्ति राष्ट्रीय टेलीविजन पर आकर यह घोषणा करता है कि वह दीपिका (अभिनेत्री दीपिका पादुकोण) की नाक या सिर काटने पर पांच करोड़ रुपये देगा और फिर यह प्रस्ताव 10 करोड़ रुपये तक चला जाता है. बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होती है." उन्होंने कहा, "यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है और यह एक दुखद स्थिति है जिसका हम सामना कर रहे हैं."