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पाकिस्तान हाईकमीशन में ISI का 'जासूस', भारत छोड़ने का आदेश, देश की सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज मिले थे

पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है जो संवेदनशील रक्षा दस्तावेज तथा भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ की तैनाती से संबंधित ब्योरा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के कृत्य में शामिल था । जासूसी गतिविधियों में शामिल पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी को भारत ने आज अनाधिकृत व्यक्ति घोषित किया है।

पाकिस्तान हाईकमीशन में ISI का 'जासूस', भारत छोड़ने का आदेश, देश की सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज मिले थे

नई दिल्ली : पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है जो संवेदनशील रक्षा दस्तावेज तथा भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ की तैनाती से संबंधित ब्योरा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के कृत्य में शामिल था । जासूसी गतिविधियों में शामिल पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी को भारत ने आज अनाधिकृत व्यक्ति घोषित किया है। लिहाजा अख्तर को भारत छोड़ना होगा।

 

महमूद अख्तर नाम का यह अधिकारी पाक उच्चायोग के वीजा विभाग में काम करता था । वह दो अन्य सहयोगियों से महत्वपूर्ण ब्योरा हासिल करता था। उसके इन सहयोगियों को यहां गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अख्तर से लंबी पूछताछ की और फिर उसे रिहा कर दिया क्योंकि उसे राजनयिक छूट प्राप्त है । संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) आरएस यादव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘आरोपी डेढ़ साल से अधिक समय से जासूसी गतिविधियों में शामिल थे । हम छह महीने से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे । एक विशेष सूचना पर कल उन्हें पकड़ लिया गया । अख्तर जासूसी की कड़ी का सरगना है ।’

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यादव ने बताया कि अख्तर के पास फर्जी आधार कार्ड था और वह अपने सहयोगियों को बड़ी राशि का भुगतान कर उनसे सूचनाएं हासिल करता था । गिरफ्तार किए गए दो लोग राजस्थान के रहने वाले हैं जिनकी पहचान मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ के रूप में हुई है । पुलिस अधिकारी ने कहा कि जासूसी प्रकरण में शामिल एक अन्य व्यक्ति को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा जिसकी पहचान जोधपुर निवासी शोएब के रूप में हुई है ।

दिल्ली पुलिस ने उसे रक्षा तैनाती से संबंधित दस्तावेजों के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। कर्मचारी को संक्षिप्त हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया था। इसके बाद विदेश सचिव ए जयशंकर ने पाकिस्तानी राजदूत अब्दुल बासित को अपने कार्यालय में तलब किया और उन्हें इस बारे में जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, ‘विदेश सचिव ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त को यह बताने के लिए तलब किया था कि जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी को अनाधिकृत व्यक्ति घोषित किया गया है।’ खुफिया सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने महमूद अख्तर नाम के कर्मचारी को हिरासत में लिया था। उसके पास से रक्षा दस्तावेज मिले थे। पुलिस के मुताबिक अख्तर को राजनयिक छूट हासिल है इसलिए पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।

अपराध शाखा ने दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। ये दोनों राजस्थान के निवासी हैं। इन्हें पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी अख्तर को कथित तौर पर संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘ये कथित जासूस राजस्थान के रहने वाले हैं, जो पाकिस्तान के आईएसआई के लिए काम कर रहे थे। ये जासूस यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों के संपर्क में थे और संवेदनशील जानकारी मुहैया करा रहे थे।’ गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों की पहचान मौलाना रमज़ान और सुभाष जांगीड़ के रूप में की गई है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)