जेएंडके में सीमा पर पाकिस्तान ने फिर की गोलीबारी, पलायन जारी

पाकिस्तानी रेंजर्स ने एक दिन की शांति के बाद कठुआ और सांबा सेक्टरों में सीमावर्ती चौकियों को निशाना बनाकर एकबार फिर संघषर्विराम का उल्लंघन किया है। जवाब में सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) ने भी कार्रवाई की।

जम्मू : पाकिस्तानी रेंजर्स ने एक दिन की शांति के बाद कठुआ और सांबा सेक्टरों में सीमावर्ती चौकियों को निशाना बनाकर एकबार फिर संघषर्विराम का उल्लंघन किया है। जवाब में सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) ने भी कार्रवाई की।

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने कल देर रात एकबार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और सांबा जिले की एक चौकी एवं कठुआ जिले के दो क्षेत्रों में हल्के हथियारों से गोलीबारी की। कठुआ के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि कल रात से कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित बोबियां और पंसार इलाकों में गोलीबारी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गोलीबारी रूक-रूककर हो रही है।

सांबा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल मगोत्रा ने कहा कि कल रात रामगढ़ सब-सेक्टर की बालार्ड चौकी पर हल्के हथियारों से दो बार गोलीबारी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कुल मिलाकर शांति है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों ने पाकिस्तान की गोलीबारी का जवाब दिया। गोलीबारी में किसी की मौत होने या किसी के घायल होने की खबर नहीं है। नववर्ष की पूर्व संध्या से पाकिस्तान की ओर से जारी संघषर्विराम उल्लंघन को देखते हुए सीमावर्ती गांवों के निवासियों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना जारी रखा। तीन जनवरी की रात से चार जनवरी की शाम तक पाकिस्तान रेंजर्स की ओर से कोई गोलीबारी नहीं हुई।

सांबा और कठुआ जिलों के सीमावर्ती गांवों से 3,500 से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा से गोलीबारी के बाद कठुआ के 11 गांवों के लगभग 2,500 लोग पलायन कर चुके हैं। 1,800 लोग राहत शिविरों में हैं। उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि प्रशासन ने इन राहत शिविरों में बिस्तर, तिरपाल, कंबल, राशन, लकड़ी, पानी और अन्य मूलभूत वस्तुएं उपलब्ध कराई हैं। शिविर के कमांडर और अधिकारियों को प्रबंधों की देखरेख करने और राहत सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि समन्वय के लिए शिविर में रहने वाले लोगों की समितियां भी गठित की गई हैं। कल हुई गोलीबारी में घायल हुए पांच लोगों के परिवारों को पांच-पांच हजार रूपए दिए गए। सांबा जिले में एक हजार से अधिक लोग चिची माता मंदिर, हाईस्कूल और अन्य इमारतों में बने शिविरों में रखे गए हैं। तीन जनवरी को गोलीबारी में सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और एक महिला मारी गई थी । इसमें 11 अन्य घायल हो गए थे।