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बालाकोट के बाद पाकिस्‍तान हमारी एयरस्‍पेस में नहीं घुस सका, वे LoC पार नहीं कर सके: वायुसेना प्रमुख

उन्‍होंने कहा कि बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान हमारे एयरस्‍पेस में नहीं घुस सका. हमारा उद्देश्‍य तो उनके आतंकी कैंपों पर हमला करना था लेकिन उनका मकसद हमारे सैन्‍य ठिकानों को निशाना बनाना था.

बालाकोट के बाद पाकिस्‍तान हमारी एयरस्‍पेस में नहीं घुस सका, वे LoC पार नहीं कर सके: वायुसेना प्रमुख

नई दिल्‍ली: पुलवामा के बाद भारत के बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के मुद्दे पर पहली बार खुलकर बोलते हुए भारतीय वायुसेना के एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने पाकिस्‍तान के दावों को नकारा है. उन्‍होंने कहा कि बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान हमारे एयरस्‍पेस में नहीं घुस सका. हमारा उद्देश्‍य तो उनके आतंकी कैंपों पर हमला करना था लेकिन उनका मकसद हमारे सैन्‍य ठिकानों को निशाना बनाना था. हमने अपने सैन्‍य लक्ष्‍य को हासिल किया. उनकी तरफ से कोई नियंत्रण रेखा (LoC) पारकर हमारे क्षेत्र में नहीं घुस सका.

26 फरवरी को हुए बालाकोट स्‍ट्राइक के बाद उपजे हालात पर बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि हमने उसके अगले दिन यानी 27 फरवरी को श्रीनगर एयरस्‍पेस को 2-3 घंटे के लिए रोका था. हालांकि इस तनाव का असर बाकी नागरिक उड्डयन पर नहीं होने दिया गया क्‍योंकि हमारी अर्थव्‍यवस्‍था काफी बड़ी और सशक्‍त है. पाकिस्‍तान ने अपना एयरस्‍पेस बंद रखा है तो ये उनकी समस्‍या है. हमारी अर्थव्‍यवस्‍था वाइब्रेंट है और इसमें एयर स्‍ट्राइक का बहुत अहम रोल है. इसलिए आपने गौर किया होगा कि एयरफोर्स ने कभी सिविल एयर ट्रैफिक को बंद नहीं किया.

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कारगिल युद्ध के 20 साल होने पर उन्‍होंने कहा कि हमारे आक्रमण का मकसद हमारी ताकत और क्षमता को दिखाना था और ये संदेश 2 अगस्‍त, 2002 को जिस व्‍यक्ति को दिया गया, जिस पर हमला किया गया, वह कभी नहीं लौटा.

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इससे पहले कारगिल युद्ध की 20वीं वर्षगांठ से पहले वायुसेना ने आज ग्वालियर एयरबेस पर टाइगर हिल पर हमले का प्रतीकात्‍मक ‘चित्रण’ और ‘आपरेशन विजय’ में इस्तेमाल मिराज 2000 और अन्य विमानों का प्रदर्शन किया. भारत-पाकिस्तान युद्ध की जुलाई में 20वीं वर्षगांठ से पहले इस रणनीतिक एयरबेस पर एक कार्यक्रम की योजना बनायी गई है, जिसमें वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ मुख्य अतिथि रहे.