पाकिस्तान की नापाक कोशिश, बॉडर इलाकों में ड्रोन के जरिए ड्रग्स सप्लाई की कोशिश

पाकिस्तान की नापाक कोशिश, बॉडर इलाकों में ड्रोन के जरिए ड्रग्स सप्लाई की कोशिश

2018 साल की बात की जाए तो 231 किलोग्राम अलग अलग तरह के नशे पंजाब पाकिस्तान बॉर्डर पर पकड़े गए है. मल्टी एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 5 पाकिस्तानी स्मगलर को भी पकड़ा गया

पाकिस्तान की नापाक कोशिश, बॉडर इलाकों में ड्रोन के जरिए ड्रग्स सप्लाई की कोशिश

पंजाब: बॉर्डर पर सख्ती के कारण पाकिस्तान ड्रोन के जरिए भारत में खासतौर पर बॉर्डर राज्यों में ड्रग्स सप्लाई करने की कोशिश कर रहा है. भारत सरकार के वकील चेतन मित्तल ने ज़ी मीडिया के साथ जानकारी सांझी करते हुए बताया कि मल्टी एजेंसी कॉर्डिनेशन कमेटी द्वारा दी गई एक रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में मल्टी एजेंसी कोऑर्डिनेशन कमिटी ने बताया कि 2018 में पाकिस्तान से पंजाब में एंटर हुए ड्रोन को जब टारगेट किया गया तो गिरने के बाद उसमें ड्रग्स पाए गए. जिससे साफ हुआ कि बॉर्डर सिक्योरिटी की सख्त निगरानी के चलते अब पाकिस्तान पंजाब में नशा सप्लाई करने के लिये अलग अलग पैंतरे अपना रहा है.

पहले आपको यह बता दें कि मल्टी एजेंसी कोआर्डिनेशन कमेटी में कौन-कौन से एजेंसी और फोर्सेस शामिल है. कमेटी में बीएसएफ, आर्मी, एयर फोर्स, आईबी, एनसीबी  और पंजाब पुलिस शामिल है. भारत सरकार के वकील चेतन मित्तल ने कहा पंजाब में नशा कंट्रोल करने को लेकर बीएसएफ और अन्य एजेंसियों का बड़ा हाथ रहा है उन्होंने बताया जब से मल्टी एजेंसी कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया है तब से बॉर्डर पर काफी मात्रा में हीरोइन और अन्य तरह के ड्रग्स को पकड़ा गया है. डाटा के मुताबिक 2017 पूरे साल में यहां 66kg हेरोइन पकड़ी गई वहीं 2018 जनवरी से जुलाई 2018 तक 65kg हीरोइन पकड़ी गई.

वहीं अगर 2018 साल की बात की जाए तो 231 किलोग्राम अलग अलग तरह के नशे पंजाब पाकिस्तान बॉर्डर पर पकड़े गए है. मल्टी एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 5 पाकिस्तानी स्मगलर को भी पकड़ा गया. रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले साल में 107 स्मगलिंग अटेंटमस यानी कि नशे की तस्करी की कोशिशो को नाकाम किया गया.

भारत सरकार के वकील चेतन मित्तल ने कहा की केंद्र सरकार नशो की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठा रही है जिसके चलते ही केंद्रीय स्तर पर एसटीएफ का गठन किया गया है. ताकि ये जांच की जा सके कि कहीं ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग के पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद के लिये तो नहीं हो रहा. उन्होंने कहा डायरेटली या इंडिरेक्टली इसका कोई सम्बद्ध तो है जिसकी जांच की जा रही है.

यही कारण है पंजाब के पिछले 2 सालों में ndps मामलों में दोषी पाए गए 9800 केसों की जानकारी केंद्रीय stf के साथ सांझी की गई है. उन्होंने कहा अब ये भी ज़रूरी कर दिया गया है कि स्मगलर के साथ साथ जो किंगपिन है उनके नाम भी एफ आई आर में शामिल किए जाएं ताकि उनको प्रोक्लेम ऑफेंडर घोषित कर उसकी जानकारी इंटरनेशनल फॉर्म को दी जा सके. 

भारत सरकार के वकील चेतन मित्तल के मुताबिक पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर का दावा सही है कि नशा जम्मू कश्मीर से आ रहा है लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक स्मगलर पंजाब में फिर से नशा शिफ्ट करने की कोशिश में है. गौरतलब है ये मल्टी एजेंसी काड्रिनेशन कमेटी अपनी रिपोर्ट पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट को सौंपती है.

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