राज्यसभा के 250वें सत्र तक वक्त ही नहीं गुजरा, विचार यात्रा भी चलीः पीएम मोदी

संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2019 का ये आखिरी सत्र बेहद महत्‍वपूर्ण है. इस संबंध में मैंने सभी दलों के नेताओं से बात की है.

राज्यसभा के 250वें सत्र तक वक्त ही नहीं गुजरा, विचार यात्रा भी चलीः पीएम मोदी
फोटो- RSTV

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session 2019) शुरू हो गया है. इसके साथ ही आज से राज्‍यसभा का 250वां सत्र भी शुरू हो गया. इस मौके पर राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने सभी सांसदों को नेताओं का धन्यवाद दिया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में सांसदों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा, 'आज ऐतिहासिक दिन है जब राज्यसभा का 250वां सत्र हो रहा है. मैं सभी सांसदों और नेताओं को बधाई देता हूं. यह (250वां सत्र) भारत की विकास यात्रा का प्रतिबिंब है. सदन अपने आप में गौरव अनुभव करता है.'

पीएम मोदी ने कहा, 'यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है कि मुझे इस अवसर में शामिल होने का अवसर मिला. अनुभव कहता है कि संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी वह कितनी अद्भूत है. इस सदन ने देश में इतिहास बनते देखा है. अनेक महानुभावों का लाभ हमें राज्यसभा के माध्यम से मिला है. यही राज्यसभा थी जहां से बाबा साहब अंबेडकर को आने का मौका मिला, क्योंकि लोकसभा से तो उन्हें आने नहीं दिया गया. सदन ने बदले हालात में खुद को ढालने की कोशिश की. इस सदन में ऐसे विद्वान लोग बैठे थे जिन्होंने शासन व्यवस्था को कभी निरंकुश नहीं होने दिया.'

प्रधानमंत्री ने आगे कहा,  'हमारे प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने कहा था, हमारे विचार, हमारा व्यवहार और हमारी सोच ही दो सदनों वाली हमारी संसदीय प्रणाली के औचित्य को साबित करेगी. संविधान का हिस्सा बनी इस द्विसदनीय व्यवस्था हमारी परीक्षा होगी. 250 सत्र की यात्रा के बाद वर्तमान की पीढ़ियों का दायित्व और बढ़ जाता है कि डॉ राधाकृष्णन ने जो अपेक्षाएं की थी उसे पूरा किया जाए.'

पीएम मोदी ने कहा, 'राज्यसभा में दूर-दृष्टि का अनुभव है. इसी सदन की परिपक्वता है कि इसने तीन तलाक का कानून पास किया. इसी सदन ने जनरल कैटगरी को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया. इसी तरह जीएसटी को लेकर वन नेशन वन टैक्स को लेकर सर्वसहमति बनाने का काम किया. इसी सदन में 1964 में जो वादे किए गए थे. वो धारा 370 और 35ए इसी सदन में हटाया गया. यह सदन देश की एकता और अखंडता को लेकर की गई कार्यवाही के लिए याद किया जाएगा.' 

पीएम मोदी ने कहा, 'राज्यसभा इस बात को सुनिश्चित करती है कि देश में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिद्वंदी नहीं है. हम मिलकर देश को आगे ले जाकर काम करते हैं. देश का विकास और राज्य का विकास दो अलग चीजे नहीं है. बहुत सी नीतियां केंद्र सरकार बनाती हैं. उन नीतियों में राज्य की बातों को इस सदन के जरिए सरकार के समक्ष लाया जाता रहा है.'

राज्यसभा के 200वें सत्र में भी एनडीए की सरकार थी
पीएम ने आगे कहा, '2003 में जब इस सत्र के 200 साल हुए थे तब भी एनडीए की सरकार थी. उस वक्त अटल जी ने कहा था कि हमारे संसदीय लोकतंत्र की शक्ति बढ़ाने लिए यह सेकेंड हाउस मौजूद है. अटल जी ने कहा था कि इस सेकेंड हाउस को कई भी सेकंड्री हाउस बनाने की कोशिश ना करें. मैं कहूंगा कि राज्यसभा सेकेंड हाउस है यह सेंकड्री हाउस कभी भी नहीं है. भारत के विकास के लिए इसे सपोर्टिव हाउस बने रहना चाहिए.'

एनसीपी और बीजेडी की तारीफ की
पीएम मोदी ने कहा 'हमारे अनेक महानुभाव बार बार कहते हैं कि सदन चर्चा, संवाद के लिए होना चाहिए. आवश्यक है कि हम रुकावटों के बजाय संवाद का रास्ता चुनें. मैं दो दलों का उल्लेख करना चाहूंगा. एक एनसीपी और दूसरा बीजेडी इन दोनों दलों की विशेषता देखिए उन्होंने खुद तय किया है कि हम वेल में नहीं जाएंगे. हम सभी राजनीतिक दलों को सीखना होगा हमारे दल को भी, मतलब वेल में ना जाकर भी लोगों का विश्वास जीत सकते हैं. हम ऐसी उच्च परंपराओं का निर्वहन करने वालों से हमें सीखना चाहिए. हम भी जब वहां थे तो हमने भी वह काम किया है. एनसीपी और बीजेडी का धन्यवाद करना चाहिए. ऐसी उत्तम घटना का जिक्र होना चाहिए लोगों के ध्यान में लाना चाहिए.'