लद्दाख को चीनी भूभाग का हिस्सा दिखाने पर संसदीय समिति ने ट्विटर को लगाई फटकार

लद्दाख (Ladakh) को चीन के भूभाग (Chinese territory) के तौर पर दिखाने पर संसदीय समिति (Parliamentary committee) ने ट्विटर (Twitter) को फटकार लगाई है. 

लद्दाख को चीनी भूभाग का हिस्सा दिखाने पर संसदीय समिति ने ट्विटर को लगाई फटकार
फाइल फोटो

नई दिल्ली: लद्दाख (Ladakh) को चीन के भूभाग (Chinese territory) के तौर पर दिखाने पर संसदीय समिति (Parliamentary committee) ने ट्विटर (Twitter) को फटकार लगाई है. समिति ने बुधवार को सुनवाई करते हुए कहा कि यह राजद्रोह की तरह है और अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी को हलफनामे के रूप में इस बारे में स्पष्टीकरण देना होगा.

ट्विटर के प्रतिनिधियों ने माफी मांगी
सूत्रों के मुातबिक बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी (Meenakshi lekhi) की अध्यक्षता वाली समिति के सामने उसके प्रतिनिधियों ने माफी मांगी. सदस्यों ने उनसे कहा कि यह आपराधिक कृत्य की तरह है क्योंकि इससे देश की संप्रभुता पर सवाल किया गया. इसलिए ‘विपणन शाखा’ ट्विटर इंडिया को नहीं बल्कि ट्विटर इंक को हलफनामा देना होगा.

समिति सदस्यों ने 2 घंटे तक पूछताछ की
जानकारी के मुताबिक ट्विटर ऐप पर लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाए जाने को लेकर समिति के सदस्यों ने उनसे दो घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की. ट्विटर के प्रतिनिधियों ने समिति को बताया कि सोशल मीडिया कंपनी भारत की भावनाओं का सम्मान करती है. कुछ सदस्यों ने ट्विटर की पारदर्शिता नीति और चुनावों के दौरान कार्रवाई, खासकर अन्य देशों में उसकी नीतियों को लेकर सवाल पूछे.

ट्विटर के माफीनामे पर समिति संतुष्ट नहीं
समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है. यह केवल संवेदनशीलता का मामला नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और अखंडता का मामला है, लद्दाख को चीनी भाग के तौर पर दिखाना आपराधिक कृत्य के समान है जिसके लिए सात जेल की सजा का प्रावधान है.’

'सर्वेसर्वा बना हुआ ट्विटर'
लेखी ने कहा कि ट्विटर से उसकी पाबंदी लगाने वाली नीति के बारे में भी पूछा गया. उन्होंने कहा, ‘पाबंदी लगाने की नीति को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है. इस तरह की कार्रवाई काफी विषय परक हैं. वह खुद सर्वेसर्वा बना हुआ है. ऐसी परिस्थिति में वे अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन कर रहे हैं.’

ट्विटर इंक को माफीनाम देने का आदेश
समिति के विभिन्न सूत्रों ने बताया कि अपने ऐप पर लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के लिए ट्विटर के अधिकारियों ने ‘‘माफी मांगी’’ लेकिन सदस्यों ने उनसे कहा कि वे जो भी कहना चाहते हैं उन्हें सोशल मीडिया की मूल कंपनी ट्विटर इंक को एक हलफनामे में लिखकर देना होगा. इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कानून एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी भी समिति के सामने उपस्थित हुए.

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ट्विटर ने लेह को चीन का हिस्सा दिखाया था
बता दें कि लेह में एक युद्ध स्मारक से सीधे प्रसारण के दौरान उसने अपने जियो टैगिंग फीचर में लद्दाख का लोकेशन ‘जम्मू कश्मीर, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ’ के तौर पर दिखाया था. भारत सरकार ने 22 अक्टूबर को ट्विटर को उसके लोकेशन सेटिंग के बारे में चेताया था जिसमें लेह को चीन में दिखाया गया था. केंद्र ने कहा था कि देश की संप्रभुता और अखंडता के प्रति अनादर को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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