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गो रक्षा पर PM मोदी का बड़ा बयान, कहा- गो रक्षा के नाम पर कुछ लोगों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं, राज्य सरकारें तैयार करें डोजियर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटोर स्टेडियम में टाउन हॉल में लोगों से सीधा संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। पीएम मोदी ने विदेश नीति, किसानी, गुड गवर्नेंस, स्मार्ट विलेज, खादी आदि विषयों पर लोगों के सवालों के जवाब दिए। इस मौके पर पीएम ने गो रक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गो रक्षा के नाम पर कुछ लोगों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं। 

गो रक्षा पर PM मोदी का बड़ा बयान, कहा- गो रक्षा के नाम पर कुछ लोगों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं, राज्य सरकारें तैयार करें डोजियर
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटोर स्टेडियम में टाउन हॉल में लोगों से सीधा संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। पीएम मोदी ने विदेश नीति, किसानी, गुड गवर्नेंस, स्मार्ट विलेज, खादी आदि विषयों पर लोगों के सवालों के जवाब दिए। इस मौके पर पीएम ने गो रक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गो रक्षा के नाम पर कुछ लोगों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं। उन्होंने राज्य सरकारों से गो रक्षा का दावा करने वाले लोगों के बारे में डोजियर तैयार करने का अनुरोध किया। पीएम ने कहा कि  रात में अपराध करने वाले सुबह गो रक्षक बन जाते हैं।

कार्यक्रम के LIVE अपडेट्स

-गोरक्षा पर कुछ लोग अपने दुकानें खोल कर बैठ गए हैं। मुझे बहुत गुस्सा आता है। मैंने देखा है कुछ लोग पूरी रात एंटी-सोशल एक्टिविटी करते हैं और सुबह के वक्त गो रक्षक का चोला पहन लेते हैं। मैं राज्य सरकारों से अनुराध करता हूं कि वे उनका डोजियर तैयार करें। सबसे ज्यादा गायें कत्ल के कारण नहीं मरती हैं बल्कि प्लास्टिक खाने से मरती हैं। गो सेवक और गो रक्षक अलग हैं। गायों का प्लास्टिक खाना बंद करा दें गो-सेवक। 70-80 प्रतिशत गो रक्षक गोरखधंधा करने वाले हैं। 

-विदेश नीति देश हित की नीति होती है। विदेश नीति का सेंटर प्वाइंट-'इंडिया फर्स्ट' है। भारत आर्थिक दृष्टि से आगे-बढ़े यह कोशिश होनी चाहिए। पूरी दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुई है। खेमा वाला युग बीत चुका है। सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। दुनिया में बसे हुए भारतीयों की एक ताकत है, उनकी एक साख है। प्रवासी भारतीय दो देशों को जोड़ने में काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं। लोग मेरी यात्राओं को बारे में पूछते हैं कि आप थकते नहीं हैं। हमारा देश सवा सौ करोड़ देशवासियों का देश है। मैं पूरे मन से उनसे जुड़ा हुआ होता है। मैं सोचता हूं कि अपने देशवासियों के लिए मैं खुद को खपा दूं। ऊर्जा है इसलिए काम कर पाता हूं यह गलत है। बल्कि इतना बड़ा मिशन है यह सोचकर ऊर्जा आ जाती है। मिशन मोड में आ जाने पर ऊर्जा खुद आ जाती है। मेरे पास कुछ अतिरिक्त नहीं है जो आपके पास है, वही मेरे पास है। बस मिशन मोड में आ जाइए आप में भी इतनी ऊर्जा आ जाएगी।

- जितना हम कपड़ों पर खर्च करते हैं उसका केवल 5 प्रतिशत केवल हैंडलूम पर खर्च कर दें तो हाथ से कपड़े तैयार करने वालों की आमदनी में जमीन-आसमान का अंतर आ जाएगा। 'खादी फॉर नेशन और खादी फॉर फैशन' बन गया है। 

-स्मार्ट सिटी और स्मार्ट विलेज के नाम पर देश में राजनीति का रिवाज चल गया है। स्मार्ट सिटी एक अलग अवधारणा है। जरूरी है कि जो सुविधाएं शहर को मिल रही हैं, वे सुविधाएं गांवों को भी मिलनी चाहिए। आत्मा गांव की और शरीर शहर का होना चाहिए। 

-किसान का बेटा मजबूरी में ही किसान बनता है ऐसा नहीं है। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि उसे किसानी करने में गर्व का अनुभव हो। परंपरागत खेती से लोगों को बाहर निकलना होगा। जानकारी की वजह से आज किसान पिछड़े हुए हैं। किसानों को आधुनिक खेती से जल्द से जल्द जोड़ने कीशिश करनी होगी। किसानों को बेकार की दवाइयों एवं खादों से खेती को दूर करना पड़ेगा। किसान टिंबर की खेती और मधुमक्खी का पालन करें। खेती से ई-मार्केटिंग को जोड़ा जाना चाहिए।

-हेल्थ सेक्टर में हम इंश्योरेंस की तरफ काम कर रहे हैं ताकि गरीब से गरीब लोगों को हेल्थ इंश्योंरेस मिले। यह जरूरी है कि हम बीमारियों से दूर रहें। हमें रोग प्रतिरोधक जीवनशैली अपनानी होगी।  

-गुड गवर्नेंस पर बल नहीं देंगे तो बदलाव नहीं होगा। 30 साल तक अगर हम 8 प्रतिशत की वृद्धि दर से विकास कर लें तो दुनिया में जो कुछ सर्वोत्तम है तो वह भारतवासियों के कदमों में होगा। हम अरबों-खरबों डॉलर का तेल आयात करते हैं। रक्षा उपकरणों के आयात पर अरबों रुपए खर्च होता है। हमें सोलर एनर्जी पर ध्यान देना होगा। भारतीय युवाओं के पास क्षमता है कि वह देश को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। 

-भारत आज तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत देश दो लगातार भयंकर अकाल झेल चुका है। पूरे विश्व में मंदी का दौर चल रहा है। दुनिया में लोगों की परचेजिंग क्षमता कम हुई है। ऐसे हालात में 7 से ज्यादा का वृद्धि दर हासिल करना एक उपलब्धि है। भारत तरक्की की राह पर है तो भारतवासियों के परिश्रम से ही संभव हुआ है। 

-लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण ताकत जो मैं मानता हूं वह है क्या सरकार जनता की आवाज सुनती है? सामान्य से सामान्य नागरिक की शिकायत सुनने की व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार के पास निर्धारित समय सीमा में लोगों को उनकी समस्याओं से बाहर निकालने का रास्ता होना चाहिए। इस व्यवस्था में हमारी सरकार लगी है। गुड गवर्नेंस के लिए हम कदम उठा रहे हैं।

-सरकार जीतती हैं तो अगली बार सिर्फ जीतने के लिए कोशिश करती हैं। देश के विकास के लिए नीति के साथ डिलीवरी भी जरूरी है। विकास का लाभ लोगों को मिलना चाहिए। विकास और सुशासन का संतुलित संबंध रहना चाहिए तभी जाकर सामान्य मनुष्य को लाभ मिलेगा। गुड गवर्नेंस हमारे देश का दुर्भाग्य है। हमारे यहां नगर पंचायत, जिला पंचायत, महानगर पालिका, राज्य में कुछ भी हो जाए तो पीएम से जवाब मांगा जाता है। इसका दुष्परिणाम यह होता है कि पंचायत, नगर पंचायत और राज्य को लगता है यह मेरी जिम्मेदारी नहीं है, इससे गवर्नेंस का नुकसान होता है। जिसकी जिम्मेदारी होती है उससे हिसाब मांगना चाहिए। जिसकी जिम्मेदारी हो जवाबदेही भी उसी की होनी चाहिए। 

-पीएम मोदी ने कहा-MyGov.in से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए मैं देशवासियों को धन्यवाद देता हूं। सिर्फ वोट देकर सरकार चुनने तक लोकतंत्र सीमित हो जाता है तो लोकतंत्र की जो भावना है वह कभी पनप नहीं सकती। भारत जैसे विशाल देश में जनभागीदारी वाला लोकतंत्र एक आवश्यकता है। तकनीकी के जरिए यह संभव हो सकता है। स्वच्छ भारत अभियान जन भागीदारी का सर्वोत्तम उदाहरण है। 

- पीएम मोदी ने PMO App लॉन्च किया।

-गवर्नेंस क्विज के विजेताओं से पीएम मोदी ने मुलाकात की।

-पीएम मोदी MyGov.in पर अच्छे सवाल पूछने वालों को प्रमाणपत्र और इनाम देकर सम्मानित कर रहे हैं।

 MyGov.in के दूसरी वषर्गांठ के मौके पर हुए कार्यक्रम में करीब 2000 लोगों ने हिस्सा लिया। पीएम ने MyGov.in पोर्टल 2014 में लॉन्च किया था। पीएम मोदी का जनता से सीधा संवाद स्थापित करने का यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है।